36. असम सीमा परिवर्तन विधेयक - Page 64

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से इंग्लैंड की विधि अधीन और प्रैक्टिस के लिए निष्पादित किए जाने अपेक्षित हैं। वे हैल्सबरीज लॉज ऑफ इंग्लैंड से व्यावहारिक रूप से लिए गए हैं।

खण्ड 9 किसी व्यक्ति को प्रैक्टिस के प्रमाण-पत्र के बिना नोटरी के रूप में प्रैक्टिस करने से प्रतिषिद्ध करता है। उन व्यक्तियों को जो पहले से ही नोटरी हैं, अपने आपको इस विधेयक के अधीन रजिस्टर कराने के लिए एक वर्ष का समय दिया गया है।

खण्ड 10 सामान्य खंड है जो नोटरियों के रजिस्टर से नामों को हटाने की बाबत है। यदि नोटरी ने कोई ऐसा कार्य किया है, जिसके बारे में यह कहा जाता है कि वह उसे नोटरी पब्लिक का पद धारण करने से निरर्हित करता है।

खण्ड 11 में उपबंध किया गया है कि किसी अन्य विधि में नोटरी पब्लिक के लिए कोई निर्देश विशुद्धतः निर्वचनात्मक है और उसका अर्थ इस अधिनियम के अधीन प्रैक्टिस करने के हकदार नोटरी के प्रति निर्देश होगा।

खण्ड 12 और 13 शास्ति और अपराधों के संज्ञान के विषय में हैं।

खंड 13 क एक नया खंड है पारस्परिक जो विदेश में किए गए नोटरी के कार्य के पारस्परिक आधार पर विधिमान्य बनाने के लिए अन्तःस्थापित किया गया है।

विधेयक में यही सब कुछ है और मुझे आशा है कि सदन मेरे प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान करेगा।

माननीय अध्यक्ष : प्रस्ताव पेश किया गया।

‘‘यह कि नोटरी के व्यवसाय को विनियमित करने के लिए विधेयक पर विचार किया जाए।’’

श्री सिधवा (मध्य प्रदेश) : यह बहुत साधारण विधेयक है। मुझे बहुत खुशी है कि माननीय विधि मंत्री ने हमें बहुत ही रोचक इतिहास बताया है। मैं यह नहीं जानता था कि नोटरी, जिन्हें भारत में नियुक्त किया गया था, आर्कबिशप ऑफ कैंटरबरी द्वारा नियुक्त किए गए थे। मैंने सोचा था यह भारत सरकार द्वारा किया गया था। वास्तव में यह खबरों की जगह है। मैं सोचता हूँ हममें से अनेक, कम से कम मैं, यह नहीं जानता था।

मैं ‘‘सम्यक रूप से निरर्हित’’ शब्द का अर्थ जानना चाहता हूँ। क्या इससे विधि के अनुसार सम्यक रूप से अर्हित अभिप्रेत है।

डॉ. अम्बेडकर : बिल्कुल नहीं।

माननीय अध्यक्ष : कदाचित वह खंड 14 के अधीन विरचित नियमों द्वारा शासित होगा।

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