40. प्रवर समिति की बैठकें - Page 87

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प्रवर समिति की बैठकें

* विधि मंत्री (डॉ. अम्बेडकर) : मैं नियम 65 के उपनियम (3) के अधीन यह विनम्र रिपोर्ट करता हूँ कि नोटरी विधेयक पर विचार करने के लिए सदन द्वारा नियुक्त प्रवर समिति लगातार दो दिन बैठक करने में असफल रही है।

माननीय उपाध्यक्ष : माननीय मंत्री ने मात्र तथ्य सूचित किया है- इसके बाद ठोस प्रस्ताव आ सकता है जो वह रखना चाहें।

डॉ. अम्बेडकर : फिलहाल मैं मात्र नियम 65 के उपनियम (3) द्वारा यथापेक्षित रिपोर्ट करने का प्रस्ताव रखता हूँ। यह सदन को विनिश्चत को करना है कि क्या सदन उस प्रवर समिति को कार्यमुक्त करेगा, जो नियुक्त की गई है और अग्रसर होगा।

माननीय उपाध्यक्ष : क्या मैं प्रवर समिति के किसी माननीय सदस्य से पूछ सकता हूँ कि वास्तविक स्थिति क्या है?

पंडित ठाकुरदास भार्गव (पंजाब) : मैं प्रवर समिति का सदस्य हूँ.......

डॉ. अम्बेडकर : मैं यह कहना चाहता हूँ कि मैं प्रवर समिति के असफल रहने के लिए सदस्यों पर कोई लांछन नहीं लगाता हूँ, क्योंकि मैं अच्छी तरह जानता हूँ कि वे अन्य अनेक प्रवर समितियों में व्यक्त हैं, जिनकी साथ-साथ बैठक होती हैं किंतु नियम प्रवर समिति के अध्यक्ष पर यह जिम्मेदारी डालता है कि वह इस सदन को रिपोर्ट करे। मैं सदन के ध्यान में इस मामले को लाने के लिए औपचारिक प्रस्ताव ला रहा हूँ।

पंडित ठाकुरदास भार्गव : मैं यह निवेदन कर रहा था कि जहाँ तक इस प्रवर समिति का संबंध है, इसकी बैठकें ऐसे समय पर हुइंर् जब सदस्य संभवतः उनमें उपस्थित नहीं हो सकते थे। हम अनेक प्रवर समितियों के सदस्य हैं और हमें यह विकल्प है कि समिति में उपस्थित हों। कल भी, मुझे इस विततीय निगम विधेयक

* संसदीय वाद-विवाद, खड-14, भाग- II, 28 सितंबर, 1951, पृ. 2617-18