खण्ड - III अछूतों को भारत के राजनीतिक क्षितिज पर लाने और भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला रखने में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की भूमिका - Page 178

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मद्रास 30; सिंध सहित बंबई 15; पंजाब 8; बिहार तथा उड़ीसा 18; केंद्रीय प्रांत 20; असम 7; बंगाल 30; संयुक्त प्रांत 20; जोड़ 148 ।

ये आंकड़े प्रधान मंत्री के निर्णय में घोषित प्रांतीय परिषदों की कुल क्षमता पर आधारित हैं।

(2) तथापि निम्नलिखित प्रक्रिया पर निर्भर रहते हुए, इन सीटों पर चुनाव संयुक्त निर्वाचनमंडल प्रणाली द्वारा किया जाएगा :

साधारण निर्वाचन नामावली में शामिल दलित वर्ग के सभी सदस्य एक निर्वाचक -मंडल बनाएंगे जो एकल मत प्रक्रिया द्वारा इन आरक्षित सीटों में से प्रत्येक के लिए दलित वर्गों के चार उम्मीदवारों की एक नामावली का चुनाव करेंगे, इस प्राथमिक चुनाव में सबसे अधिक संख्या में मत पाने वाले चार व्यक्ति आम चुनाव में चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार होंगे।

(3) केंद्रीय विधायिका में दलित वर्गों का प्रतिनिधित्व इसी प्रकार से संयुक्त निर्वाचकमंडल प्रणाली के सिद्धांत के आधार पर होगा और प्रांतीय विधायिकाओं के संबंध में आरक्षित सीटों का प्रतिनिधित्व ऊपर खंड 2 में बताए गए तरीके से प्राथमिक चुनाव प्रक्रिया के आधार पर होगा।

(4) केंद्रीय विधायिका में, ब्रिटिश इंडिया के साधारण मतदाताओं को आबंटित सीटों की 18 प्रतिशत सीटें उक्त विधायिका में दलित वर्गों के लिए आरक्षित रहेगी।

(5) जैसाकि इससे पूर्व बताया जा चुका है, केंद्रीय तथा प्रांतीय विधायिकाओं के चुनाव के संबंध में उम्मीदवारों की नामावली हेतु प्राथमिक चुनाव प्रणाली पहले दस वर्ष पूरे होने पर समाप्त हो जाएगी, बशर्ते कि नीचे खंड 6 में दिए गए उपबंध के अंतर्गत परस्पर सहमति द्वारा इससे पहले समाप्त न हो जाए।

(6) जैसाकि खंड 1 और 4 में व्यवस्था की गई है, प्रांतीय तथा केंंद्रीय विधायिकाओं में आरक्षित सीटों के माध्यम से दलित वर्गों के प्रतिनिधित्व की प्रणाली तब तक जारी रहेगी जब तक कि समझौते से जुड़े समुदाय परस्पर समझौते द्वारा अन्यथा निर्धारित नहीं करते।

(7) केंद्रीय और प्रांतीय विधायिकाओं में दलित वर्गों के लिए मताधिकार लोथियान समिति की रिपोर्ट में वर्णित स्थिति के अनुसार होगा।

(8) स्थानीय निकायों किसी चुनाव या लोक सेवाओं में नियुक्ति के बारे में दलित वर्गों का सदस्य होने के नाते किसी को भी अयोग्य नहीं माना जाएगा। इन मामलों में दलित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किया