खण्ड - III अछूतों को भारत के राजनीतिक क्षितिज पर लाने और भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला रखने में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की भूमिका - Page 179

162 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

जाएगा। लेकिन ऐसा करते समय लोक सेवाओं में नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षिक योग्यताओं को ध्यान में रखना होगा।

(9) प्रत्येक प्रांत में दलित वर्गों के सदस्यों को शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शिक्षा अनुदान में से पर्याप्त राशि निर्धारित की जाएगी।’’ ख्1,

‘‘समझौते पर हस्ताक्षर से पहले, मद्रास के अछूतों के प्रतिनिधियां ने इस बात पर जोर दिया कि वे राव बहादुर राजा और उनके अनुयायियों को इस समझौते पर हस्ताक्षर करने की अनुमति नहीं देंगे और यदि उन्हें अनुमति दी जाती है तो डॉ. अम्बेडकर और उनके अनुयायी समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे। तदनुसार, डॉ. अम्बेडकर और उनके अनुयायियों ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद, डॉ. अम्बेडकर से अनुरोध किया कि वे श्री राजा और उनके अनुयायियों से इस समझौते पर हस्ताक्षर कराने का प्रबंध करें। लंबे-चौड़े विचार-विमर्श के बाद, यह निर्णय लिया गया कि उन्हें अपनी वैयक्तिक क्षमताओं में समझौते के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने की अनुमति होगी।

तदनुसार, उन्होंने हस्ताक्षर किए। लेकिन यह एक बहुत आश्चर्य की बात है कि श्री राजा को दस्तावेज के अंत में हस्ताक्षर करने थे, पर उन्होंने जयकर और सपू्र के हस्ताक्षरों के बीच में अपने हस्ताक्षर कर दिए।’’ ख्2,

‘‘पूना समझौता, 24.9.1932 के हस्ताक्षरकर्ता (एपिक फास्ट पृष्ठ 153-154)

  1. मदन मोहन मालवीय 9. राजेन्द्र प्रसाद

  2. तेज बहादुर सप्रू 10. जी. डी बिड़ला

  3. एम. आर. जयकर 11. रामेश्वर दास बिड़ला

  4. बी. आर. अम्बेडकर 12. बी. एस. कामत

  5. श्रीनिवासन 13. जी. के. देवधर

  6. एम. सी. राजा 14. ए. वी. ठक्कर

  7. सी. वी. मेहता 15. आर. आर. बाखले

  8. सी. राजागोपालाचारी 16. पी. जी. सोलंकी

  9. पी. बालू 21. पी. एन. राजभोज

1.2. लेख और भाषण, खंड 9, पृष्ठ 88-89 ।जनता, दिनांक 1 अक्तूबर, 1932 ।