खण्ड - III अछूतों को भारत के राजनीतिक क्षितिज पर लाने और भारतीय लोकतंत्र की आधारशिला रखने में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की भूमिका - Page 180

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  1. गोविंद मालवीय 22. गवई जी. ए.

  2. देवदास गाँधी 23. शंकरलाल बैंकर

  3. बिश्वास

हस्ताक्षर करते समय राजागोपालाचारी इतने अधिक आत्मविभोर थे कि उन्होंने अपना फाउंटेनपेन डॉ. अम्बेडकर से बदल लिया।

25 सितम्बर को बंबई में हिन्दू सम्मेलन की अंतिम बैठक के दौरान निम्नलिखित हस्ताक्षर भी जोड़े गए :

  1. लल्लूभाई सामलदास 10. पी. कोडंडराव

  2. हंसा मेहता 11. एन. वी. गाडगिल

  3. के. नटराजन 12. मनू सूबेदार

  4. कामकोटि नटराजन 13. अवन्तिकावाई गोखले

  5. पुरुषोत्तमदास ठाकुरदास 14. के. जे. चितालिया

  6. मथुरादास वासनजी 15. राधाकांत मालवीय

  7. बालचंद हीराचंद 16. ए. आर. भट्ट

  8. एच. एन. कुंजरू 17. कोलम

  9. श्री के.जी. लिमये 18. प्रधान’’ ख्1,

इसके तुरंत बाद, समझौते की विषय-वस्तु ब्रिटिश मंत्रिमंडल को, केबल वायसराय को तार द्वारा भेजी गई तथा प्रत्येक पक्षकार द्वारा अलग-अलग बंबई के गवर्नर के सचिव को सौंपी गई। अगली सुबह नेतागण समझौते की पुष्टि करने के लिए बंबई लौट आए। इंडियन मर्चेट्स चैम्बर के हाल में दोपहर 2 बजे नेताओं ने एक बैठक की।’’ ख्2,

पूना समझौते की पुष्टि करने के लिए बुलाई गई बैठक के बारे में समाचार देते हुए, ‘‘दि बंबई क्रानिकल’’ ने लिखा, पंडित मदन मोहन मालवीय ने अध्यक्षता की। अपने भाषण में उन्होंने उन सभी का धन्यवाद किया जिन्होंने पूना समझौते को मूर्त रूप देने में मदद की। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. अम्बेडकर का धन्यवाद किया जिनकी मदद के बगैर पूना समझौता हो पाना कठिन था। इस बात का पूरा दायित्व 1.2. पुनः मुद्रित, खैरमोरे, खंड 5, पृष्ठ 56-57 ।कीर, पृष्ठ 214 ।