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सरकार के बीच विवाद हो जाये। मैं यह पत्र महामहिम को यहाँ पैदा हो रही स्थिति के विषय में सूचित करने और सत्याग्रह समिति के सामने जिला मजिस्ट्रेट के रवैये पर पुनः विचार करने का मौका देने के लिये लिख रहा हूँ और उस चिट की प्रति भी इसके साथ है, जो उन्हें वापस भेजने के लिये जिला मजिस्ट्रेट द्वारा भेजी गई थी, जब समिति के सदस्य उनसे मिलने गये थे।
गत शनिवार को मैंने स्वयं वह जगह देखी है और मैं इस बात से पर्याप्त सहमत हूँ कि व्यक्त की जा रही आशंकाएँ और सत्याग्रह के लिये आशंकित खतरा बिल्कुल सही है।
महामहिम का सर्वाधिक आज्ञाकारी
ह.
बी.आर. अम्बेडकर“ ख्1,
दूसरा पत्र :-
“भीमराव आर. अम्बेडकर, दामोदर हॉल, परेल,
एम.ए.,पी.,एच.,डी., डी. एस.सी. बम्बई-12
बार-एट-लॉ, 11 अप्रैल, 1930
सदस्य, विधान परिषद,
बम्बई
सेवा में,
महामहिम माननीय महोदय,
फ्रे़डरिक साइक्स, पी.सी., जी.सी.आई.ई.,
जी.बी.ई., के.सी.बी.सी.एम.जी.,
बम्बई के राज्यपाल,
बम्बई
महामहिम का अभिवादन,
बम्बई सरकार को नासिक के जिला मजिस्ट्रेट से इसी माह की 9 तारीख को स्पृश्यों तथा अस्पृश्यों के बीच वहाँ हुए दंगों पर रिपोर्ट अवश्य मिल गई होगी। दंगों का अपना विवरण भी महामहिम को भेजना मैं आवश्यक समझता हूँ।
- खैरमोर, अंक 3, पृष्ठ 321-323।