1. मैं चरित्र वाला व्यक्ति हूँ। - Page 223

हूँ तो इसका कारण केवल मेरी कठिन परिस्थितियाँ हैं। जैसे ही मेरी परिस्थितियाँ ठीक होंगी, यकीन कीजिये, मैं भुगतान करना शुरू कर दूँगा। इससे अधिक मैं अभी कुछ भी कह या नहीं कर सकता। मेरा वास्तविक उद्देश्य, जो मैंने स्पष्ट किया है, इसका भुगतान बम्बई विश्वविद्यालय को करने और विश्वविद्यालय से यह निवेदन करने का है कि वह उस धन राशि से बड़ौदा के महाराजा के नाम से दलित वर्ग के छात्रों के लिये छात्रवृत्तियाँ घोषित कर दे। यह धन मुझ पर दलित वर्ग का सदस्य होने के नाते खर्च किया गया था और मेरे विचार से यह राज्य के निजी प्रयोग के लिये नहीं जाना चाहिए, बल्कि दलित वर्ग के लाभ के लिये प्रयोग किया जाना चाहिये। लेकिन, क्योंकि राज्य इतने व्यावसायिक तरीके से व्यवहार कर रहा है, मुझे नहीं लगता कि उन्हें मेरी योजना पसंद आयेगी।

इसके साथ ही मैं आप पर छोड़ता हूँ कि आप मेरे और बड़ौदा राज्य के बीच निर्णय लें।

मैंने आपके पत्र लिखने को गलत भाव से नहीं लिया है और मुझे विश्वास है कि आप भी मेरे जवाब के प्रति कोई ग़लतफ़हमी नहीं रखेंगे।

उम्मीद करता हूँ कि आप कभी-कभार पत्र लिखते रहेंगे।

आपका

(बी.आर. अम्बेडकर)“ ख्1,

  1. रत्तू : लिटिल नोन फैक्ट्स ऑफ डॉ. अम्बेडकर, पृष्ठ 21-24।