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अग्रेषण पत्र

भीमराव आर. अम्बेडकर, राजगृह

एम.ए., पी. एच.डी. डी.एस. सी. न्यू दादर

बैरिस्टर-एट-लॉ, बम्बई-14

जे.पी., एम.एल.सी.

प्रिय महोदय,

भारत में आपके विशेष संवाददाता ने मुझे लिखा है कि आप भारतीय सुधारों पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पर मेरे विचारों पर वक्तव्य मैनचेस्टर गार्जियन में प्रकाशन के लिये चाहते हैं। उसके अनुसार मैं इस पत्र के साथ अपने विचारों पर वक्तव्य भेज रहा हूँ। मुझे अफसोस है कि मैं अपना वक्तव्य आपके द्वारा निर्धारित 1200 शब्दों में तक सीमित नहीं रख पाया और इस प्रकार इस वक्तव्य में निर्धारित सीमा से 300 शब्द अधिक हैं। विषय के महत्व और पूर्ण स्पष्टता की आवश्यकता को देखते हुए, मैं आपसे निवेदन करता हूँ कि यह वक्तव्य बिना किसी काट-छाँट के पूरा ही छपने दें।

सधन्यवाद,

भवदीय,

बी.आर. अम्बेडकर

सेवा में, संपादक, मैनचेस्टर गार्जियन *

* . सुरवादे ख्ंड 1, पृष्ठ 146-147।

तिथि उपलब्ध नहीं।