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है, तो अन्य प्रांतों के सिक्खों को क्यों नहीं?
यदि पंजाब के दलित वर्ग सिक्ख बनने पर अपने अधिकार नहीं खोयेंगे, तो अन्य प्रांतों के दलित वर्गों द्वारा सिक्ख धर्म अपनाये जाने पर उनका भाग्य क्यों अलग हो?’’
इस वक्तव्य पर डॉ. मूंजे, श्री राजा, महात्मा गांधी तथा अन्य की प्रतिक्रिया के लिये परिशिष्ट x देखें-संपादक