242 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी : दलित वर्गों के उत्थान के लिए एक स्रोत
14 जनवरी, 1937 को डॉ. बी. आर. अम्बेडकर लंदन से बुम्बई पहॅुंचे। टाइम्स ऑफ इंडिया के एक पत्रकार ने डॉ. अम्बेडकर से बातचीत की। यह बातचीत इस प्रकार है : संपादक
डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि वे यूरोप केवल स्वास्थ्य संबंधी कारणों से गये थे और अधिकतर समय वे विएना तथा बर्लिन में ही रहे। लंदन में वे केवल एक सप्ताह रहे। लंदन में उनकी किसी से कोई राजनीतिक बातचीत नहीं हुई।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हांंने हिन्दू समुदाय छोड़ने के अपने इरादे पर कोई निर्णय ले लिया है, उन्हांंने कहा कि उनका फैसला अब भी वही है। यद्यपि वे कौन सा धर्म अपनायेंगे, इस पर अभी उन्हांने अपना मन नहीं बनाया है।
डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि अभी उनकी दिलचस्पी केवल बुंबई विधानसभा के आगामी चुनावों में है- और वे स्वयं को चुनाव प्रचार में लगा देंगे। उनके द्वारा शुरू की गई इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी विधानमंडल में दलित वर्गों की राजनीतिक तथा सामाजिक स्थिति सुधारने की दिशा में कार्य करेगी और उन्हें पूरा विश्वास है कि इस पार्टी की ओर से खड़े किए गए सभी उम्मीदवार चुनाव में सफलता प्राप्त करेंगे।
पहुँचने पर डॉ. अम्बेडकर का भव्य स्वागत हुआ। बल्लार्ड पिअॅर स्टेशन से एलेक्जॅन्ड्रा डॉक नम्बर 18 तक के पूरे रास्ते पर खाकी वर्दी पहने कतार में
खड़े सोशियल इक्विटी लीग के एक हजार से भी अधिक स्वयंसेवकांं ने उनकी जय-जयकार की।
डॉ. अम्बेडकर द्वारा स्थापित इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी के बम्बई विधानमंडल के आगामी चुनावों में खड़े अधिकतर उम्मीद्वार डॉ. अम्बेडकर से मिलने घाट पर ही उपस्थित थे। इनमें बी.के. गायकवाड़ (नासिक जि़ला), श्री प्रभाकर रोहम् (अहमदनगर), श्री बी. एच. वराले (बेलगांव), श्री आर. आर. भोले (पूना), श्री बी.जे. सावदकर, श्री एस. जी. टिपणिस (कोलाबा), श्री जी. आर. घाटगे (रत्नागिरी), श्री आर. ई. भटनकर (थाणा) तथा श्री वी.ए. गडकरी शामिल थे। ख्1,
- द टाइम्स ऑफ इंडिया, 15 जनवरी, 1937,
पुनः मुद्रित : खैरमोड खंड 7, पृष्ठ 57-59।