244 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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किसी भी और देश में ऐसे मंत्री को बर्खास्त कर दिया जाता
सेवा में,
संपादक,
द टाइम्स ऑफ इंडिया
महोदय,
बम्बई के गृह मंत्री द्वारा दो जुआरियों को उच्च न्यायालय द्वारा दी गई सज़ा को रद्द किये जाने के तुरंत बाद ही सी.पी. के गृह मंत्री द्वारा भी ज़ाफर हसन नाम के एक आदमी को न्यायिक आयुक्तों की अदालत द्वारा दी गई सज़ा माफ़ करने की
ख़बर आई है। ज़ाफर हसन को 14 वर्ष की लड़की से बलात्कार करने के जु़र्म में 3 साल बामशक्कत कैद की सज़ा सुनाई गई थी। दंड 1936 में दिया गया था। दोषी ने केवल एक वर्ष की ही कैद भुगती है, दो वर्ष की सज़ा माफ़ कर दी गई है।
मेरा मानना है कि सी.पी. के कांग्रेस मंत्री का यह कदम बेहद शर्मनाक है, जिसकी मेरी नज़र में कोई बराबरी नहीं है। हिन्दू जनता, जो आँखें मूंदकर कांग्रेस को समर्थन दे रही है, इन कार्रवाइयों के विषय में क्या सोचती है?
मैं आपको यह पत्र कदापि न लिखता यदि यह मामला सवर्ण हिन्दुओं से संबंधित होता-ऐसा नहीं है कि यदि वह लड़की सवर्ण हिन्दू होती, तो यह जु़र्म इतना संगीन न होता-बल्कि इसलिये, कि हिन्दुओं ने एक कट्टर विश्वास बना लिया है कि काँग्रेस के अलावा कोई पार्टी और महात्मा के अलावा कोई व्यक्ति उनका भला नहीं कर सकता! उन्होंने अपना भाग्य एक पार्टी के हाथ में दे दिया है और जिन पर वे विश्वास करते हैं, उनके कृत्यों पर वे विचार नहीं करना चाहते। यदि उन पर कोई विपत्ति आती है, तो यह उनकी अपनी गलती है। लेकिन यह लड़की दलित वर्ग की है। वह जाति से चमार है। इसलिये मैं इस मामले से गहरा सरोकार रखता हूँ। हमारी नियति है कि हम अल्पसंख्यक रहें। हम केवल आलोचना कर सकते हैं। हम नियंत्रण करने की उम्मीद कभी नहीं कर सकते।
यदि सी.पी. में गृहमंत्री के ऐसे कृत्य हिन्दू जनता द्वारा बर्दाश्त कर लिये जाते हैं, प्रधान मंत्री द्वारा समर्थित किये जाते हैं और महात्मा द्वारा नज़रंदाज़ किये जाते हैं, तो दलित वर्ग न्याय की क्या उम्मीद रखेगा? मुझे पूरा विश्वास है कि किसी