19. धन-ऋणदाय के नियंत्रण और विनियमन के लिए विधेयक। - Page 272

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स्पष्टीकरण II. जहां साहूकारी के कारोबार में किसी नाबालिग या अनुबंध करने में अक्षम किसी व्यक्ति का हित शामिल हो, वहाँ “व्यक्ति” शब्द में कारोबार के प्रबंध के लिये उत्तरदायी शामिल होगा।

( ix ) “निर्धारित” का अर्थ है इस अधिनियम के अंतर्गत बनाये गये नियमों द्वारा

तय किया गया।

( x ) “मूलधन” का तात्पर्य, ऋण के संबंध में, उस राशि से है, जो देनदार को

वास्तव में उधार दी गई है।

( xi ) “सुरक्षित ऋण” का तात्पर्य उस ऋण से है, जिसके लिये साहूकार ने

ऋणी की सम्पत्ति पर ग्रहणाधिकार या प्रभार या उसका कोई हिस्सा ऋण

के लिये प्रतिभूति के तौर पर बंधक रखा हो।

( xii ) “असुरक्षित ऋण” का अर्थ किसी भी उस ऋण से है, जो सुरक्षित नहीं

है।

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इस अधिनियम के प्रावधानों पर कानूनों, रूढि़यों या संविदाओं का प्रभाव नहीं।

  1. किसी अन्य कानून, रूढि़ या कानूनी बल वाली किसी प्रथा या संविदा में इसके विपरीत कुछ होते हुए भी इस अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे।
अध्याय
साहूकारों को लाइसेंस देना
  1. कोई भी व्यक्ति, निजी रूप से या अन्यथा, या स्वयं या किसी अन्य की ओर से या अपने अथवा किसी अन्य के लिए साहूकारी का कारोबार नहीं चला सकता, जब तक कि वह हर वर्ष, उस हर पते के लिये एक “साहूकार लाइसेंस” (जिसे इस अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंसी कहा गया है) न प्राप्त कर ले जिस पर भी यह कारोबार चलाया जाता है।
लाइसेंस किस नाम पर लिया जाये
  1. ‘साहूकार लाइसेंस’ हर साहूकार को अपने ही नाम पर लेना होगा और किसी अन्य नाम पर लिया गया लाइसेंस अमान्य होगा :

बशर्ते कि यदि साहूकारी का कारोबार चलाने वाला व्यक्ति यह कारोबार अपने