256 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
नाम से नहीं, बल्कि किसी व्यापारिक नाम के अंतर्गत चला रहा हो तो लाइसेंस में वह व्यापारिक नाम और वह अधिकृत पता, जिस पर यह कारोबार चलाया जा रहा है, लिखा होना चाहिये :
बशर्ते यह भी कि यदि साहूकारी का कारोबार किसी फर्म या किसी कम्पनी द्वारा चलाया जा रहा हो तो लाइसेंस उस फर्म या कम्पनी के नाम पर लिया जायेगा या फिर जहाँ यह कारोबार किसी नाबालिग या किसी ऐसे व्यक्ति के नाम पर चलाया जा रहा हो, जो किसी अन्य वजह से संविदा करने में अक्षम हो तो उस व्यक्ति के नाम में।
लाइसेंस में दिया जाने वाला विवरण
- (1) लाइसेंस में फर्म के मामले में सभी साझीदारों के नाम, कम्पनी के मामले में प्रबंध एजेंटों या प्रबंध निदेशकों के नाम और नाबालिग या किसी अन्य वजह से संविदा करने में अक्षम व्यक्ति के मामले में कारोबार चलाने के लिये नियुक्त या उत्तरदायी व्यक्ति का नाम लिखा होगा।
(2) लाइसेंस पर वह प्राधिकृत पता भी लिखा होना चाहिये, जिसके लिये लाइसेंस प्रदान किया गया हो।
लाइसेंस के लिये प्रमाण-पत्र की अनिवार्यता
- (1) कोई भी व्यक्ति लाइसेंस पाने का हक़दार माना जाएगा, जब तक कि उसके पास एक प्रमाण-पत्र (अधिनियम के अंतर्गत जिसे प्रमाण-पत्र कहा गया है) न हो और लाइसेंस केवल उसी व्यक्ति को दिया जायेगा जिसके पास इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार एक प्रमाण-पत्र हो।
(2) अलग-अलग लाइसंसों के लिये अलग-अलग प्रमाण-पत्र की आवश्यकता होगी।
- किसी व्यक्ति को प्रदान किये गये हर प्रमाण-पत्र पर उसका असली नाम और वह पता लिखा होना चाहिये, जिस पर वह साहूकारी का कारोबार चलाना चाहता है। इस बात से कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि वह इस प्रमाण-पत्र का इस्तेमाल