262 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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अध्याय
कारोबार चलाने की विधि
साहूकारी के विज्ञापनों, परिपत्र पर रोक
20 (1) साहूकार अपने कारोबार के उद्देश्य से कोई विज्ञापन, सर्कुलर, व्यापारिक पत्र या इस तरह का कोई अन्य दस्तावेज जारी या प्रकाशित नहीं करेगा :
(ंक) जिसमें ऋणी को आमंत्रित किया जा रहा हो, या
(ख) जिसमें ऐसा कोई भाव हो जो पर्याप्त ढंग से ऐसा इशारा देता हो कि वह बैंकिंग का कारोबार चलाता है।
(2) कोई साहूकार जो इस धारा की उप-धारा (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करता है, उसे प्रत्येक अपराध के लिये अधिकतम 100 रुपये का जुर्माना देना होगा। एजेंट रखने की मनाही
21 (1) कोई भी साहूकार या उसकी ओर से कोई अन्य व्यक्ति लोगों को ऋण लेने या साहूकार से धन उधार लेने जैसा कोई व्यवहार करने के उद्देश्य से आमंत्रित करने के लिये किसी एजेंट या प्रचारक को नौकरी पर नहीं रखेगा और न ही कोई व्यक्ति धन उधार लेने के इच्छुक व्यक्ति को साहूकार से मिलवाने के लिये कमीशन के रूप में या अन्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कोई धन राशि या अन्य कोई कीमती प्रतिफल प्राप्त करेगा था उसकी माँग करेगा।
(2) कोई व्यक्ति जो इस धारा की उप-धारा (1) के प्रावधानों की अवहेलना करता है उसे दोषसिद्धि पर अधिकतम तीन माह की साधारण कैद या अधिकतम 100 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
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- यदि यह पता चलता है कि ऋण देने का व्यवहार धारा 20 तथा 21 के किसी प्रावधान की अवहेलना करके किया गया है तो यह व्यवहार अमान्य समझा जायेगा, चाहे साहूकार को इस अधिनियम के तहत लाइसेंस प्राप्त हो, जब तक कि साहूकार यह साबित न कर दे कि यह अवहेलना उसकी सहमति या अनुमति के
* . ’ धारा संख्या 20 तथा 21 हो सकती है- संपादक