263
बिना हुई है।
| Col1 |
Col2 |
Col3 |
Col4 |
|
s |
n |
k |
- साहूकार और लेनदार या भावी लेनदार के बीच ऐसा कोई भी करार मान्य
नहीं होगा, जिसमें लेनदार द्वारा साहूकार को ऋण प्राप्त करने के लिये किये गये
मोल-तोल पर लगने वाली लागत शुल्क या खर्चें का भुगतान करने की बात कही
गई हो और यदि इस तरह की लागत शुल्क या खर्चें के नाम पर लेनदार द्वारा
साहूकार को कोई धन राशि दी जाती है, तो यह धन साहूकार के ऊपर ऋण होगा,
जो उसे लेनदार को लौटाना होगा और यदि लेनदार को यह राशि वापस नहीं
मिलती है तो इसे लेनदार द्वारा ऋण के रूप में ली गई मूल राशि में से घटा दिया
जायेगा और शेष बची राशि ही वास्तविक ऋण मानी जायेगी।
लेन-देन के प्रमाणीकरण में लगने वाले दस्तावेजों पर स्टैम्प ड्यूटी तथा
पंजीकरण शुल्क के रूप में लगने वाली धन राशि का अधिकतम आधा हिस्सा देनदार
से प्राप्त करना साहूकार के लिये गैर-कानूनी नहीं होगा।