266 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
अध्याय
खाते रखने की विधि
साहूकार द्वारा देनदार को पास बुक दी जाये
हर साहूकार द्वारा अपने ऋणी को सरकार द्वारा उपलब्ध कराई गई पास बुक दी जाएगी और इसके भीतर देनदार द्वारा या देनदार को किये गये हर भुगतान की प्रविष्टि करनी होगी और इन्हें उसके हस्ताक्षर द्वारा प्रमाणित करना होगा।
हर साहूकार प्रति वर्ष 31 जनवरी तक अपने देनदार या ऐसे किसी भी अन्य व्यक्ति को, जिससे उसे ऋण का भुगतान लेना है, सरकार द्वारा निर्धारित फॉर्म पर ऋण संबंधी खातों का ब्यौरा देगा, जिसमें पिछले वर्ष के दिसम्बर माह की 31 तारीख तक हुए सभी लेन-देनों का ब्यौरा होगा, जिनका प्रमाणीकरण उसके हस्ताक्षर द्वारा किया गया होगा।
साहूकार को चूक के दौरान मुकद्दमा करने का हक नहीं
- कोई साहूकार जो धारा 28 के प्रावधानों का अनुपालन करने में असफल रहता है, वह तब तक संविदा के तहत मूलधन या ब्याज के रूप में देय किसी भी धन राशि को वसूल करने के लिये मुकद्दमा करने का हकदार नहीं होगा, जब तक कि वह उन प्रावधानों की चूक कर रहा हो और चूक की इस अवधि के लिए ब्याज भी नहीं लिया जाएगा।
चूक के लिये दंड
- धारा 28 या 29 के प्रावधानों की अवहेलना करने वाले साहूकार को अधिकतम 100 रुपये का जुर्माना किया जा सकता है।
खाते सरकार से प्राप्त बहियों में ही रखे जायें
- हर साहूकार एक निर्धारित फीस का भुगतान करके सरकार से बही खाते लेगा, जिनमें वह साहूकार के रूप में किये गये अपने लेन-देन दर्ज करेगा और इन