19. धन-ऋणदाय के नियंत्रण और विनियमन के लिए विधेयक। - Page 285

268 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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अध्याय
मुकदमे तथा कार्रवाई

लघुवाद अदालत (स्माल कॉज़ कोर्ट) के अधिकार क्षेत्र से बाहर

  1. प्रांतीय या प्रेसिडेन्सी स्मॉल कॉज़ कोर्ट अधिनियम में चाहे जो भी कहा गया हो, साहूकार द्वारा या साहूकार के विरुद्ध, ऋण के लेन-देन से संबंधित कोई भी मुकदमा स्माल कॉज़ कोर्ट द्वारा नहीं सुना जायेगा, जब तक कि यह दावा एक इकहरे व्यवहार से संबंधित न हो और यह व्यवहार उन पक्षों या व्यक्तियों के बीच हुए पुराने लेन-देन से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ नहीं होना चाहिए, जिनके ज़रिये वे दावा कर रहे हैं।
अर्जी में लाइसेंस का विवरण दिया जाये

36 (1) साहूकार द्वारा दी गई हर अजऱ्ी में उसके उस लाइसेंस का विवरण दिया जायेगा, जो उस व्यवहार को शुरू करते समय उसके पास था, जिसके लिये मुकदमा किया गया है;

(2) यदि कोई साहूकार बिना किसी वैध स्पष्टीकरण के इस धारा की उप-धारा (1) के प्रावधानों का अनुसरण करने में असफल रहता है, तो अदालत उसे प्रतिवादी को मुकदमें की लागत देने का आदेश दे सकती है।

साहूकार को दिए जाने वाले परिप्रश्न

37 (1) खातों के लिए या कर्ज़ अथवा उधार दिये गये धन की वसूली के लिये किसी भी मुकदमे या कार्रवाई में यदि उधार देने वाला व्यक्ति इस बात से इनकार करता है कि वह साहूकार है, तो अदालत यह सुनिश्चित करने के लिये उससे निम्न पूछताछ की जा सकती है कि-

(क) क्या उसने अकेले या किसी के साथ मिलकर, या किसी के नाम से या

किसी अन्य व्यक्ति या व्यक्तियों की एजेंसी या कॉर्पोरेशन के जरिये,

जिस लेन-देन के लिये मुकदमा या कार्रवाई चल रही है, उसकी तिथि

से यथोचित समय पहले या बाद में, कभी कोई ऋण या उधार दिया है,

यदि हाँ, तो :