19. धन-ऋणदाय के नियंत्रण और विनियमन के लिए विधेयक। - Page 291

274 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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अनुपूरक
  1. (1) निम्न को निर्धारित करने वाले नियम बनाना सरकार के लिये वैध होगा-

(क) साहूकार को दिये जाने वाले प्रमाण-पत्र तथा लाइसेंस का फॉर्म।

(ख) प्रमाण-पत्र तथा लाइसेंस बनाने के लिये आवेदन करने की प्रक्रिया।

(ग) लाइसेंस तथा प्रमाण-पत्र देने खाते, पास-बुक तथा ज्ञापन और उनके फॉर्म

जारी करने में सक्षम प्राधिकारी।

(घ) इस अधिनियम के प्रावधानों के तहत दिये गये आदेशों के विरुद्ध अपील संबंधी

प्रक्रिया

(ड.) खाता-बही तथा पास बुक के फ़ॉर्म और प्रमाणीकरण की विधि

(च) साहूकार द्वारा अपने ऋणी को उसके खातों का वार्षिक विवरण देने के

लिये फ़ॉर्म

(छ) खाता-बही, पास-बुक इत्यादि की आपूर्ति के लिये फीस

( viii ) ऋण के संबंध में ऋणी द्वारा साहूकार को देय शुल्क

(2) इस धारा के अंतर्गत ऐसा कोई भी नियम बनाने से पहले उसका एक प्रारूप विधानमंडल के प्रत्येक चैम्बर के समक्ष, चैम्बर के सत्र के दौरान कम से कम 21 दिनों की अवधि के लिये रखना होगा और यदि कोई भी चैम्बर उपरोक्त अवधि के समाप्त होने से पहले प्रारूप या उसके किसी हिस्से के विरुद्ध प्रस्ताव पास करता है, तो उसके बाद आगे की कोई कार्यवाही नहीं की जायेगी, किन्तु नया प्रारूप नियम बनाने पर कोई प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना।

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उद्देश्यों तथा कारणों का विवरण

इस विधेयक का अभिप्राय साहूकारी के कारोबार को नियंत्रित तथा विनियमित करना है। इस उद्देश्य से इसमें निम्न व्यवस्था की गई हैः