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अहमदाबाद 22 अक्तूबर, 1938
’’मैं यह नहीं मानता कि बंबई की कांग्रेस सरकार ने व्यापार विवाद और काश्तकारी के विधेयक लाकर कोई तरक्की की है। कांग्रेस के साथ हमारे वर्षों से बुनियादी मतभेद रहे हैं। हम प्रांत में पदों के लिए नहीं लड़ रहे हैं, बल्कि हम अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ते हैं।’’
डॉ. अम्बेडकर ने आज सुबह यहां आने के बाद प्रेस के साथ साक्षात्कार में ये विचार प्रकट किए :
उन्होंने कहा, ’’यदि मैं आज कांग्रेस से हाथ मिला लेता हूं तो मैं जो चाहूं वह पा सकता हूं, लेकिन हमारा मामला बिल्कुल भिन्न है। यदि मेरा संपूर्ण समुदाय मुझसे मतभेद रखे और कांग्रेस में शामिल हो जाए तो मुझे कोई परवाह नहीं है लेकिन मैं सिद्धांत पर चलूंगा और उसके लिए अकेले संघर्ष करूंगा।’’
श्री जिन्ना की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा, ’’श्री जिन्ना मुसलमानों को पूरी तरह गलत रास्ते पर ले जा रहे हैं। मेरी समझ में नहीं आता कि उनका कांग्रेस से क्या मतभेद है। यदि लीग वास्तव में अल्पसंख्यकों के हितों के लिए काम करती है तो मैं इस बात का स्वागत करूंगा कि श्री जिन्ना उन अन्य वर्गों से हाथ मिला लें’’ जिनका कांग्रेस से मतभेद है, तथा कांग्रेस के खिलाफ इन सब वर्गों का एक संयुक्त मोर्चा खड़ा करें। मेरे विचार में, मुस्लिम लीग चुनावों के लिए और मंत्रालय के लिए लड़ रही है।
श्री जिन्ना एक तरफ कांग्रेस से लड़ रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ वे कांग्रेस के साथ समझौता करने का इरादा रखते हैं जो बल्किल बेमानी है। उनसे मेरी अपील है, वे पूना समझौते से सबक लें।’’ ख्1,
- द बम्बई क्रॉनिकल : तारीख 22 अक्तूबर, 1938।