23. डॉ. अम्बेडकर की ग्वायर निर्णय को चुनौती। - Page 302

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शाम को प्रमुख मुस्लिम नेता और भयात उनसे मिले और उनसे चर्चा की कि सुधार समिति में उनके हितों के प्रतिनिधित्व के लिए गांधी जी से उनकी बातचीत किस प्रकार असफल रही।

डॉ. अम्बेडकर ने आज शाम श्री वीरावाला से भी मुलाकात की।

समझा जाता है कि डॉ. अम्बेडकर राजकोट में विभिन्न समुदायों से विचार-विमर्श के प्रकाश में राजकोट के प्रश्न पर एक नोट जारी करेंगे।’’ ख्1,

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राजकोट, 19 अप्रैल

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर ने ’यूनाईटड प्रेस’ को दिए एक साक्षात्कार में बताया कि वे यहां राजकोट दरबार के निमंत्रण पर नहीं आए हैं बल्कि स्थानीय दलित वर्गों के निमंत्रण पर आए हैं जिन्होंने सुधार समिति में शामिल न किए जाने से संबंधित विवाद में हस्तक्षेप करने के लिए डॉ. अम्बेडकर से अनुरोध किया था।

उन्होंने बताया कि ’’यहां पहुंचकर मैंने सबसे पहले दरबार से यह पता लगाया कि क्या वे समिति में ऐसे व्यक्ति को रखने के लिए तैयार हैं जो दलित वर्गों का मनोनीत प्रतिनिधि है।

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वैकल्पिक प्रस्ताव

’’आज सुबह 11.30 बजे मैं गांधी जी से मिला, लेकिन दुर्भाग्यवश, मैं सभी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा नहीं कर सका क्योंकि उन्हें अचानक बुखार हो गया था। फिर भी मैंने उनसे वैकल्पिक प्रस्ताव की चर्चा की कि रियासत के सभी वर्गों द्वारा अपना-अपना पक्ष रखे जाने से पूर्व, मैं सर तेज बहादुर सप्रू या सर शिवस्वामी अय्यर जैसे व्यक्ति को अथवा सांविधानिक कानून में उतने ही दक्ष किसी अन्य

  1. द बम्बई क्रोनिकल, तारीख 19 अप्रैल, 1939।