292 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
जहां सकारात्मक शक्तियां विद्यमान हों जिनका प्रयोग स्वतंत्र रूप से किया जा सकता है, वहां ’सिफारिश’ शब्द का अर्थ आबद्धकर निदेश नहीं हो सकता। लेकिन जहां कोई सकारात्मक शक्तियां नहीं होती हैं वहां ’सिफारिश’ शब्द का वह अर्थ हो सकता है। मेरे द्वारा निर्देशित दो निर्णयों में सकारात्मक शक्तियां थीं। अतः विनिश्चय किया गया था कि ’सिफारिश’ का अर्थ आबद्धकर निदेश नहीं है।
सर मौरिस ग्वीयर द्वारा निर्देशित निर्णय में कोई सकारात्मक शक्तियां नहीं थीं। अतः यह अभिनिर्धारित किया गया था कि ’सिफारिश’ शब्द से आबद्धकर निदेश अभिप्रेत हो सकता है। ठाकुर साहब बनाम बल्लभ भाई वाला मामला, मेरी राय में,
| B | kd | qj |
|---|
उस श्रेणी में आता है जिसमें मेरे द्वारा प्रोद्धृत दो मामले आते हैं, न कि (1917) आई.के.बी. 1917 में प्रकाशित निर्णयों की श्रेणी में। ख्1,
- द बम्बई क्रोनिकल, तारीख 2 मई, 1939।