14 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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महाद में अछूतों का सत्याग्रह
पिछले मार्च में कोलाबा जिले के महाद में हुए महारों, मंगों, भंगियों आदि के एक सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों को रूढि़वादी लोगों द्वारा गांव के तालाब से पानी लेने से मना किया गया और इस निषेध के परिणामस्वरूप उन लोगों के विरुद्ध एक आपराधिक मामला चलाया गया जिन्होंने कानून को अपने हाथों में लिया था। इस घटना के बाद से बंबई के अछूतों में कुछ उŸोजना चलती रही जिसका नेतृत्व डॉ. भीमराव रामजी अम्बेडकर, बार-एट-लॉ, करते रहे।
इस संबंध में, 30 अक्तूबर की अपराह्न को सर कॉवसजी जहांगीर हॉल में, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर की अध्यक्षता में, लगभग एक हजार अछूतों की बैठक हुई। अध्यक्ष ने उन तथ्यों को स्पष्ट किया जिनके कारण महाद में घटना हुई थी और जिसके कारण अछूत अपने अधिकारों की रक्षा के लिए विवश हुए थे। एक संकल्प पारित किया गया जिसमें यह निर्णय लिया गया कि सार्वजनिक तालाब से पानी का उपयोग करने के अपने अधिकार को स्थापित करने और निषेध किए जाने पर सत्याग्रह आंदोलन आरंभ करने के लिए 25 दिसम्बर को महाद में एक सम्मेलन करने का फैसला किया गया। बैठक में लगभग 570 रुपए इक्ट्ठा हुए। श्रोतागण का एक सुझाव यह भी था कि नवम्बर के मध्य में अमरावती में एक मंदिर के संबंध में इसी प्रकार का आंदोलन आरंभ किया जाए।