26. महार योद्धा रहे हैं। - Page 316

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महार लोग युद्धप्रिय रहे हैं

महार लोग युद्धप्रिय रहे हैं। ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना जो पेशवा की सेना से लड़ी थी और जीती थी, उसमें महारों में से भर्ती की गई थी। पेशवा और ब्रिटिश के बीच अंतिम युद्ध पूना जिले में, कोरेगांव में लड़ा गया था। उस युद्ध की स्मृति में अंग्रेजों ने कोरेगांव में एक स्तंभ स्थापित किया था। उस स्तंभ पर उन जवानों के नाम

खुदे हैं जो अंग्रेजों की ओर से युद्ध में शहीद हो गए थे। उनमें दस में से नौ नाम महारों के हैं। महारों की भर्ती 1892 तक जारी रही और सभी युद्धों में महारों ने अपनी फौजी विशेषता को सिद्ध किया है। 1892 में अचानक महारों की भर्ती बंद कर दी गई। तभी से महारों को ब्रिटिश सरकार से शिकायत है कि उनके साथ अत्यंत कृतघ्न आचरण किया गया है। इस शिकायत में बहुत अधिक औचित्य हो सकता है क्योंकि इसमें कोई संदेह नहीं कि अछूतों की मदद के बिना अंग्रेज कभी भी भारत पर राज नहीं कर सकते थे।

महारों ने सेना से अपने निष्कासन के खिलाफ बहुत बड़ा अभियान चलाया। लेकिन वह निष्फल रहा। 1914 के युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार ने मजबूर होकर उस निषेध को हटा दिया और एक महार बटालियन स्थापित की। यह बिल्कुल युद्ध के अंतिम दिनों में गठित की गई थी और बटालियन को युद्ध में जाने तथा अपनी ताकत दिखाने का मौका नहीं मिला था। वह उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत के वजीरिस्तान में तैनात थी, और अभिलेखों में लिखा है कि जहाँ उत्तर-पश्चिम सीमा प्रांत में तैनात प्रायः प्रत्येक बटालियन ने अपनी कुछ राइफलें और गोलाबारूद पठानों के हाथों छिनवा दिए थे, वहीं पठान महार बटालियन से एक भी रायफल या एक भी गोली चुराने में कामयाब नहीं हो पाए थे। पठान लोग स्वयं को सशस्त्र करने के लिए गोला-बारूद और राइफल डिपो पर छापा मारने के आदी थे। अपेक्षा थी कि ब्रिटिश सरकार, महारों को सेना के प्रयोजनों के लिए पुनः अधिकार दिए जाने पर, महार बटालियन को बनाए रखेगी तथा उसमें और अधिक महार बटालियनें जोड़ेगी। लेकिन ब्रिटिश सरकार ने, आर्थिक कारणों के बहाने, महार बटालियन को समाप्त कर दिया। इससे महारों के मन में बहुत अधिक कटुता आ गई। जब वर्तमान युद्ध हुआ तो महारों को आशा थी कि अब उनकी बारी आएगी। लेकिन युद्ध के आरंभिक चरणों में ब्रिटिश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों ने उनके घावों पर नमक छिड़कने का काम किया। महारों की जरूरत केवल श्रमिक कोर में थी, न कि लड़ाकू फौज