316 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हैं - (1) जूड़ी धन जुटाने अर्थात् सरकार का साधारण वित्त जुटाने के लिए नहीं बढ़ाई जाएगी, और (2) जूड़ी तभी बढ़ाई जाएगी जब आफिशियेटर का पारिश्रमिक बढ़ाने के लिए आवश्यक हो। अतः मुख्य प्रश्न यह उत्पन्न होता है - क्या महार की वतन पर जूड़ी महार ओफिशियेटर का पारिश्रमिक बढ़ाने के लिए बढ़ाई गई है ? यदि हां, तो मैं मान लेता हूं महार की भूमियों पर जूड़ी की वृद्धि पर कोई आपत्ति नहीं की जा सकती। लेकिन ऐसा नहीं है। स्वीकृत रूप से, महार की भूमि पर जूड़ी की वृद्धि का आशय भीलों, रमोशियों और अन्य ग्राम सेवकों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी करना है। अब किसी भी प्रकार की कल्पना से अथवा वतन विषयक विधि के किसी भी दूरगामी अर्थ द्वारा यह नहीं कहा जा सकता कि भील, रमोशी और अन्य निम्न ग्राम सेवक ओफिशियेटर गांव के महार वतनदारों के बदले कार्य कर रहे हैं।
- भीलों, रमोशियों और अन्य निम्न ग्राम सेवकों के लिए बेहतर पारिश्रमिक की व्यवस्था करने के लिए जूड़ी बढ़ाने की इस नीति को कार्यान्वित करते समय, लगता है कि यह भुला दिया गया कि वतन एक्ट के अधीन प्रत्येक वतन एक सुभिन्न और पृथक वतन है ; कि पृथक वेतन पृथक वतन के साथ संबद्ध है, इन पृथक्-पृथक् वतनों के फायदे उन परिवारों द्वारा पृथकतः उपभोग्य हैं जो उस वतन के वतनदार हैं और यह कि एक वतन का वतनदार पदधारित करने के अपने अधिकार को तथा वतन संपत्ति पर अधिकार को किसी ऐसे व्यक्ति को अंतरित नहीं कर सकता जो उसी वतन का वतनदार नहीं है। पाटिलकी वतन महारकी वतन से भिन्न है और ये दोनों कुलकर्णी वतन से भिन्न थीं जब वह अस्तित्व में थीं। पाटिल पाटिल की वतन में अपना अधिकार महार को अंतरित नहीं कर सकता और न ही महार पाटिल को अंतरित कर सकता है। वतन जमीन पर जूड़ी उसी वतन के वतनदारों के लिए काम करने वाले ओफिशियेटर के पारिश्रमिक में वृद्धि का भुगतान करने के लिए बढ़ाई जा सकती है। यह नियम इस विधिसम्मत विधि का एक नियम मात्र है कि ऐसे व्यक्ति को, जो उसी वतन का वतनदार नहीं है, वतन संपत्ति का अंतरण करना अवैध है। महारों को देने के लिए पाटिल की वतन पर जूड़ी में वृद्धि करना सरकार के लिए संभव नहीं हो सकता था। इसी प्रकार पाटिल को देने के लिए कुलकर्णी वतन पर जूड़ी उगाहना सरकार के लिए संभव नहीं हो सकता था। उसी वजह से मेरा निवेदन है कि भीलों, रमोशियों और अन्य निम्न ग्राम सेवकों को देने के लिए महारकी वतन जमीनों पर सरकार कर अधिरोपित नहीं कर सकती।