356 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
हो या मुस्लिम बंगाल, एकमात्र उपाय हर संभव आपात स्थिति में रक्षोपायों के लिए संघर्ष करना है। आपके द्वारा बताये गए कारणों से यह संभव है कि अनुसूचित जातियां पूर्वी बंगाल में जहां वे हैं, विभाजन होने पर भी रहने का चुनाव करें। यह ठीक है कि मैंने हिन्दुओं को बता दिया है कि यदि विभाजन होता है तो जब दामोदर घाटी परियोजना फलीभूत हो जाए और पूर्वी बंगाल की अनुसूचित जातियां पश्चिमी बंगाल में जाने की इच्छा प्रकट करें तो उन्हें पूर्वी बंगाल की अनुसूचित जातियों के लिए पश्चिमी बंगाल में कुछ जमीन आरक्षित रखने के लिए सहमति देनी होगी। बहरहाल यह कुछ दूर की संभावना है। इस बीच, मैं इस बात पर सहमत हूं कि आप लीग के साथ मिलकर काम करें और उनके लिए पर्याप्त रक्षोपाय प्राप्त करें। अनुसूचित जातियों के राजनीतिक रक्षोपाय देने के लिए ईवलोक में हिन्दुओं के रवैये के बारे में मैं उतना निराश नहीं हूं जितने आप हैं। उनका मन साफ नहीं है। जहां तक मैं समझ पाया हूं, मेरे विचार में, वे उन सब रक्षोपायों पर राजी हो जाएंगे जो हम चाहते हैं। केवल एक ही बात का वे आग्रह करेंगे और वह है पृथक निर्वाचकमंडलों में कुछ फेर-बदल। बहरहाल, मुस्लिम लीग अनुसूचित जातियों को पृथक निर्वाच कमंडल संभवतः इसलिए देने के लिए तैयार होगी कि वे अपने स्वयं के समुदाय के लिए पृथक निर्वाचकमंडल चाहते हैं। जहां तक पूर्वी बंगाल की अनुसूचित जातियों का संबंध है वह निःसंदेह एक फायदा है।
आपने मुझसे यह पूछा है कि आपको मुस्लिम लीग के समक्ष क्या मांगें रखनी चाहिएं। मैंने अपने ज्ञापन में कुछ मांगे निर्धारित की हैं। वह ज्ञापन छाप दिया गया है और अल्पसंख्यक समिति के सदस्यों को भेज दिया गया है। मेरे मतानुसार उस ज्ञापन में, केवल पूर्वी बंगाल में ही नहीं, बल्कि भारत के हर प्रांत में, हम अपनी संरक्षा के लिए जो कुछ चाहते हैं वह सब कुछ अंकित है। मेरे विचार में, मुस्लिम लीग के साथ अपनी बातचीत में आप इस ज्ञापन का भरपूर इस्तेमाल करें। निःसंदेह, आप इसमें, पूर्वी बंगाल में हमारे लोगों के लिए नए रक्षोपाय जोड़ सकते हैं, क्योंकि आप सोचते हैं कि वहां कुछ विशेष परिस्थितियां हैं जिनमें ऐसे रक्षोपाय अपेक्षित हैं।
मुझे लखनऊ जेल में सत्याग्रहियों की दुर्दशा की जानकारी पहले ही मिल चुकी है। मैं जेल में सत्याग्रहियों की हालत देखने और उसका विवरण बताने के लिए अपने दो प्रतिनिधियों को लखनऊ भेज रहा हूं। मैंने प्रधानमंत्री, यू. पी. के पास भी संदेश