368 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
भारत नई दिल्ली
25.12.1947
प्रिय डॉ. अम्बेडकर,
मुझे अनुसूचित जाति के लोगों के पाकिस्तान से भारत आने के विषय में तारीख 18 दिसंबर का आपका पत्र मिला।
हम अनुसूचित जाति के लोगों के पाकिस्तान से, विशेषकर सिंध से जहां उन्हें निकलने से रोका जा रहा है निकलने में मदद करने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। वहाँ हमारे उच्चायुक्त बराबर इस समस्या पर ध्यान दे रहे हैं।
जहां तक आपके द्वारा उठाई गई दूसरी समस्याओं का संबंध है, उन पर कार्रवाई पूर्वी पंजाब सरकार को करनी होगी। निश्चय ही हम इस विषय में उन्हें सलाह देंगे और देखेंगे कि अनुसूचित जातियों के निष्क्रांतों को हर मदद दी जाए।
हमें बहुत से मामलों में, पूर्वी पंजाब सरकार से बात करने में मुख्यतः इस कारण कुछ कठिनाई आई है कि उनके सामने समस्याओं का पहाड़ खड़ा है। मैं इस विषय पर अपना निजी ध्यान प्रसन्नतापूर्वक दूंगा और मैं बिना विभाग के मंत्री से, विशेषकर इस विषय में विचार करने का अनुरोध कर रहा हूं।
आपका
ह./- जवाहर लाल नेहरू
माननीय डॉ. बी. आर. अम्बेडकर।’’ ख्1,
- पुनर्मुद्रित, खैरमोरे, जिल्द 10, पृष्ठ 32-33।