46. अनुसूचित जाति का उद्धार घोषणा-पत्र का प्रारूप - Page 397

380 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

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घोषणा-पत्र का प्रारूप
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‘अखिल भारतीय अनुसूचित जाति संघ की कार्यकारी समिति की बैठक 6 अक्तूबर, 1951 को नई दिल्ली में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के निवास पर चुनाव घोषणा-पत्र तैयार करने के लिए की गई थी’।

उस बैठक में निर्णय लिया गया कि कांग्रेस, हिन्दू महासभा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आर.एस.एस.), कम्युनिस्ट पार्टी और जनसंघ के साथ गठबंधन न किया जाए। अन्य राजनैतिक दलों से समझौता करने का अधिकार डॉ. बी.आर. अम्बेडकर, एन. शिवराज तथा बापू साहिब राजभोज की सदस्यता वाली तदर्थ समिति को दिया गया था यह भी निर्णय लिया गया कि तदर्थ समिति उचित निर्णय लेगी। ख्1,

‘‘अनुसूचित जाति संघ’’ के ‘‘समता सैनिक दल’’ को सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर बल दिया गया था।

‘‘अनुसूचित जाति संघ’’ द्वारा तैयार किया गया घोषणा-पत्र सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया था। समाचार-पत्रों ने प्रस्तावित घोषणा-पत्र के संबंध में विवेचन करते हुए अनेक स्तम्भ लेख लिखे। भारतीय एवं पश्चिमी समाचार-पत्रों ने 7 अक्तूबर, 1951 को जारी घोषणा-पत्र, का स्वागत करते हुए उसे अद्वितीय, अतुल्य एवं सुस्पष्ट ख्2, बताया।’’

घोषणा-पत्र की अग्रिम प्रतियाँ समाचार-पत्रों के प्रतिनिधियों को भेज दी गई थीं। तदनुसार प्रतिष्ठित समाचार-पत्र ‘द टाइम्स आपफ इण्डिया’ ने अपने 3 अक्तूबर, 1951 के संस्करण में उक्त शीर्षक के अन्तर्गत प्रतिक्रिया व्यक्त की, जो निम्न प्रकार से है :-

‘‘यह समझा जा रहा है कि दो मोर्चों पर गरीबी के विरुद्ध संघर्ष करने का इच्­ छुक संघ जनसंख्या को सीमित करने के लिए जन्म नियंत्रण और कृषि व औद्योगिक उत्पादन को बढ़ाने के उपायों का समर्थन करेगा। संघ तीव्रता से बढ़ते औद्योगिकीरण को अनिवार्य मानता है परन्तु उसका यह मत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की नींव कृषि ही बनी रहनी चाहिए। प्रशासन के संबंध में संघ भाषायी प्रान्तों के सृजन के लिए

  1. खैरमोडे, खंड - 10, पृष्ठ 147।

  2. जनता, 13 अक्तूबर, 1951।