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दवाब डालेगा। संघर्ष जीवन के सभी आयामों विशेषकर भ्रष्ट मंत्रियों या अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही पर बल देगा। संघ सेना के व्यय में कटौती, नमक-कर पुनः लगाना, बीमा पर प्रतिबंध को समाप्त करने और उसके राष्ट्रीयकरण का समर्थन करेगा। जहाँ तक विदेश नीति के संबंध है घोषणा-पत्र में इस बात पर बल दिये जाने की सम्भावना है कि भारत का प्रथम दायित्व स्वयं अपने लिए होना चाहिए। इसमें वर्तमान नीति को बदलने पर बल दिया जाएगा, जिसके कारण भारत के मित्र कथित रूप से उसके शत्रु बन गए हैं और संयुक्त राज्य एवं भारत के बीच वर्तमान प्रतिद्वन्दता को उदाहरण के रूप में वर्णित किया गया है..........................’’ ख्1, भारत के पुरुषों एवं महिलाओं से आशा की जाती है कि वे मतदान करने से पूर्व सोचे। भारत के पुरुषों एवं महिलाओं से यह विश्वास करने की आशा की
जाती है कि जन-हित स्व-हित से पहले आता है।
अनुसूचित जाति संघ
का
चुनावी घोषणा-पत्र
अनुसूचित जाति संघ, अनुसूचित जाति द्वारा संस्थापित अनुसूचित जाति का अखिल भारतीय राजनैतिक दल है। आगामी पृष्ठों में, (1) इसके सिद्धान्त, (2) इसकी नीति, (3) इसके कार्यक्रम, तथा (4) अन्य राजनैतिक दलों के साथ इस संघ के सहयोग की शर्तों को निर्धारित करने का प्रयास किया गया है। द्वारा डॉ. बी.आर. अम्बेडकर
सार्वजनिक मामलों में दल के कार्यकलाप निम्नलिखित सिद्धान्तों द्वारा अधिशासित होगें :
(1) यह सभी भारतीयों को कानून की दृष्टि से बराबर का ही नहीं अपितु
समानता का हकदार समझेगा और तद्नुसार समानता को वहाँ पुष्ट किया
- दिनांक 3 अक्तूबर 1951 के द टाइम्स ऑफ इंडिया में, ‘‘अनुसूचित जाति का उद्धार : घोषणा
पत्र का प्रारूप’’ शीर्षक के तहत।
खैरमोरे, खण्ड 10, पृष्ठ 147 में पुनःमुद्रित।