46. अनुसूचित जाति का उद्धार घोषणा-पत्र का प्रारूप - Page 406

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( IV ) मुद्रास्पफीति की समस्या और आजीविका की लागत में बढ़ोतरी के कारण

उत्पन्न समस्या।

  1. भाषायी प्रान्तों की समस्या अत्यन्त तत्कालिक है। मद्रास, मध्य प्रदेश और बम्बई राज्यों में भाषायी इकाइयों के झगड़े ने प्रजातन्त्र को असंभव बना दिया है। हमारा संविधान पूर्णतया राजनीतिक विचारधाराओं के अनुसार चले इसके लिए विभिन्न भाषायी समुदायों में सामाजिक शान्ति अवश्य होनी चाहिए। इस के लिये भाषायी राज्य ही इसका एकमात्र उपचार है। संघ भाषायी राज्यों के सृजन पर बल देगा।

  2. अनुसूचित जाति संघ का विश्वास है कि प्रशासन में व्याप्त भ्रष्टाचार पूर्ण रूप से कांग्रेस द्वारा सृजित है। कांग्रेस भ्रष्ट को सजा देने में विश्वास नहीं रखती। कांग्रेस के सदस्यों ने एक राज्य में नहीं अपितु कई राज्यों में अपने ही कांग्रेसी मंत्रियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार एवं घूसखोरी के आरोप लगाये हैं। कांग्रेसी हाईकमान ने जाँच करना भी आवश्यक नहीं समझा। इन आरोपों के विरुद्ध जाँच करने एवं कांग्रेस के दोषी मंत्रियों को सजा देने के बजाए कांग्रेस हाईकमान ने उन्हीं का दमन किया, जिन्होंने ऐसे आरोप लगाये थे। इस प्रकार भ्रष्टाचार एवं बेईमानी का खुले रूप से संरक्षण किया गया। जब उच्च स्तर के मंत्री भ्रष्ट हैं तो नीचे के अधिकारी भ्रष्ट कैसे नहीं होंगे? संघ भ्रष्ट मंत्रियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही के लिए दबाव डालेगा और काँग्रेस की सत्ता के दौरान तथा काँग्रेस के कारण अत्यधिक गिर चुके प्रशासन के स्तर के उत्थान के लिए कार्य करेगा।

  3. नियंत्रण और कालाबाजारियों की समस्या भी कांग्रेस एवं बड़े व्यवसायियों के बीच घनिष्ठ सम्बन्धों का ही परिणाम है। कांग्रेस को उसके पूरे जीवनकाल में बड़े व्यवसायियों द्वारा ही वित्त पोषण प्रदान किया गया है और वह बड़े व्यवसायियों के समर्थन से ही पोषित होती रही है। उत्त्सर प्रदेश राज्य में हुई घटना की अभी हाल ही में जो जानकारी मिली है, उससे ज्ञात होता है कि कांग्रेस और बड़े व्यवसायियों के बीच संबंध अभी भी बने हुए हैं। कांग्रेस बड़ी व्यवसायी ताकत को चुनाव फण्ड के बदले में बेचने के लिये तैयार है और बड़े व्यवसायी कांग्रेस को अपने चुनाव के लिये पैसा देकर ताकत खरीदने को तैयार हैं। इसका उपचार बहुत कुछ मतदाता के अपने हाथ में है। यदि वह यह समझ जाए कि उसे ऐसे प्रत्याशी का समर्थन नहीं करना चाहिए जो कि बड़े व्यवसायी द्वारा समर्थित है, तो वह समस्या के समाधान में बहुत बड़ी सहायता करेगा। संघ, जो कि बड़े व्यवसायी ताकतों से कोसों दूर है, यह देखेगा कि बड़े व्यवसायी देश की सरकार का संचालन न करें।