46. अनुसूचित जाति का उद्धार घोषणा-पत्र का प्रारूप - Page 407

390 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

  1. मुद्रास्फीति की समस्या स्थिर हो गई प्रतीत होती है। इससे जन-जीवन को दुष्प्रभावित होने दिया जा रहा है। इस पर इतनी गंभीरता से विचार नहीं किया गया जितना किया जाना चाहिए था। संघ इसके तत्काल हल के लिए दबाव डालेगा।
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ख-विदेश नीति की समस्यायें
  1. यह वास्तविकता है कि भारत की स्वतंत्रता के दिन सभी राष्ट्र भारत के मित्र थे और उन्होंने भारत की शुभ कामनायें दी थीं। आज स्थिति बिलकुल विपरीत है। भारत का कोई मित्र नहीं है। सभी राष्ट्र उसके यदि वास्तविक शत्रु नहीं तो विरोधी अवश्य है। स्थिति में यह विकट परिवर्तन कांग्रेस सरकार की विदेश नीति का परिणाम है। पिछले तीन वर्षों में भारत के प्रति विदेशी राष्ट्रों के रवैये में परिवर्तन का कारण भारत की कश्मीर संबंधी नीति, कम्युनिस्ट चीन का संयुक्त राष्ट्र संघ में प्रवेश तथा कोरियाई युद्ध के संबंध में नीति है।

  2. कश्मीर के मामले में कांग्रेस सरकार द्वारा अपनाई गई नीति अनुसूचित जाति संघ को स्वीकार्य नहीं है। यदि यह नीति जारी रही तो भारत और पाकिस्तान के मध्य निरतंर शत्रुता की स्थिति बनी रहेगी और उसके प्रिणामस्वरूप दोनों देशों के बीच युद्ध की संभावनायें बन जाएंगी। अनुसूचित जाति संघ का मत है कि यह दोनों देशों के हित के लिए अनिवार्य है कि वे अच्छे एवं मैत्रीपूर्ण भाव रखने वाले पड़ोसी बनें। इस उद्देश्य के लिए पाकिस्तान के बारे में अपनाई जाने वाली उचित नीति दो विचारधाराओं पर आधारित होनी चाहिए। (1) भारत के विभाजन को रद्द करने के संबंध में कोई वार्ता नहीं होनी चाहिए। विभाजन को निर्णीत वास्तविकता के रूप में स्वीकार किया जाए और मामले को पुनः न खोला जाये और दोनों देश दो अलग प्रभुता सम्पन्न देश बने रहें (2) कि कश्मीर का विभाजन होना चाहिए - मुस्लिम क्षेत्र पाकिस्तान में जाए (बशर्तें घाटी में रह रहे कश्मीरी इस बात के इच्छुक हों) और जम्मू और लद्दाख से मिलकर बने गैर मुस्लिम-क्षेत्र भारत में आ जाएं।

  3. इस नीति से दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध बनने की सर्वोत्तम संभावनाएँ हैं और अनुसूचित जाति संघ इस नीति को स्वीकार करने के लिए दवाब डालेगा।

  4. हमारी एक अन्य विदेश नीति चीन से संबंधित है जिसने अन्य देशों को हमारा शत्रु बना दिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ में स्थायी सदस्य के रूप में प्रविष्टि के लिए भारत को संघर्ष के लिए खड़ा कर दिया गया है। यह एक असाधारण कार्य है। भारत चीन की लड़ाई क्यों लड़े जब कि चीन अपनी लड़ाई लड़ने के लिए पूर्णतया सक्षम है। कम्युनिस्ट चीन के लिए भारत द्वारा संघर्ष के कारण भारत एवं अमेरिका