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अनुसूचित जाति संघ न केवल बीमा के राष्ट्रीयकरण के लिए दबाव डालेगा, यह सभी राजकीय और निजी कर्मचारियों के लिए बीमा अनिवार्य भी करेगा। अनिवार्य बीमा व्यक्ति को सुरक्षा और सरकार को और अधिक विकास के लिए निधि प्रदान करेगा।
संघ द्वारा निर्धारित योजना के अंतर्गत देश के विकास के कार्य करने लिए उपलब्ध संसाधन निम्न प्रकार से होंगे :-
सेना बजट से 50 करोड़ रुपये
नमक राजस्व से 30 करोड़ रुपये
उत्पादन शुल्क से 25 करोड़ रुपये
जीवन बीमा से
राजकीय एव निजी आंकड़े उपलब्ध नहीं
कर्मचारियों के अनिवार्य
बीमा से
- देश के विकास के लिए पर्याप्त निधि प्राप्त करने के लिए इंगित संसाधनों पर निर्भर रहा जा सकता है।
IV. अनुसूचित जाति संघ और अन्य राजनीतिक दलों के मध्य
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| Col1 | Col2 |
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अनुसूचित जाति संघ और अन्य राजनीतिक दलों के मध्य
केवल संगठन से पार्टी नहीं बनती है। पार्टी का तात्पर्य लोगों का एक निकाय, जो सिद्धान्तों द्वारा आबद्ध हो। पार्टी सिद्धान्तों के बिना एक पार्टी के रूप में कार्य नहीं कर सकती। सिद्धान्तों के न होने से सदस्यों को एकजुट रखने के लिए कुछ भी नहीं होता है। बिना सिद्धान्तों के पार्टी केवल एक सराय होती है। अतः अनुसूचित जाति संघ किसी ऐसी पार्टी को मित्र नहीं बनायेगा जिसने अपने सिद्धान्त निर्धारित नहीं किये हुए हैं और जिनका संविधान अपने सदस्यों से सिद्ध ान्तों के प्रति निष्ठावान रहने की शपथ की माँग नहीं करता है और उनके सिद्धान्त संघ के सिद्धान्तों के प्रतिकूल न हों।
केवल राजनीतिक आदर्श होना ही पर्याप्त नहीं है। आदर्शों की विजय अपेक्षित है। परन्तु आदर्शों की विजय केवल व्यवस्थित पार्टियों द्वारा न कि व्यक्तियों द्वारा सुनिश्चित की जा सकती है। इन कारणों से संघ अपवादिक मामलों को छोड़कर