46. अनुसूचित जाति का उद्धार घोषणा-पत्र का प्रारूप - Page 414

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किया जाना संभव नहीं दिखाई देता है। फिलहाल यह संभव है कि व्यक्तियों की नहीं बल्कि विभिन्न राजनीतिक दलों को मिलाकर एक अखिल भारतीय पार्टी बना ली जाए। सम्मिलित किये जाने वाले राजनीतिक दलों का साझा आधार राजनैतिक सिद्धान्त हो और वे साझे अनुशासन द्वारा बाध्य हों परन्तु अपने आंतरिक संगठन के मामले में प्रत्येक के पास स्वायत्तता हो तथा प्रत्याशियों का चुनाव एक सहमति के आधार पर किया जाए तथा समिति की स्वीकृति की शर्त पर एक दूसरे के प्रत्याशी का समर्थन करना पारस्परिक बाध्यता हो। संक्षेप में यह पार्टी ब्रिटिश लेबर पार्टी, जो कि एक फेडरल पार्टी है, की तरह होनी चाहिए।

  1. अनुसूचित जाति संघ के.एम.पी. पार्टी, सोशलिस्ट पार्टी, द जस्टिस पार्टी के साथ और जहाँ ऐसी पार्टियाँ नहीं हैं वहाँ अन्य पार्टियों के साथ निम्न शर्तों पर ऐसी फेडरल पार्टी की इकाई बनने के लिए तैयार है : -

(1) ऐसे गठबंधन में प्रत्येक पार्टी के सिद्धान्त स्पष्ट शब्दों में निर्धारित होने

चाहिए;

(2) ऐसी पार्टी के सिद्धान्त अनुसूचित जाति संघ के सिद्धान्तों से विरोधाभासी

नहीं होने चाहिए;

(3) मैत्री की इच्छुक पार्टी को अनुसूचित जाति के सामाजिक एवं आर्थिक

उत्थान के लिए अपना समर्थन देने के लिए शपथ लेनी होगी;

(4) पार्टी को फेडरल संगठन के भीतर अनुसूचित जाति संघ को उसके आंतरिक

मामलों में एक स्वायत्तशासी इकाई के रूप में कार्य करने की स्वीकृति

देने के लिए सहमत होना पड़ेगा; तथा

(5) पार्टी किसी ऐसी पार्टी से सम्बद्ध न हो जिसे पफेडरल पार्टी द्वारा अपनी

स्वयं की एक इकाई के रूप में मान्यता न दी गई हो।

  1. व्यक्तियों के संबंध में जो चुनाव में अनुसूचित जाति संघ की सहायता लेना चाहते हैं उन्हें संघ का एसोसिएट सदस्य बनना होगा और उन्हें एक शपथ-पत्र पर हस्ताक्षर करने होगे कि वे संघ के सिद्धान्तों, नीतियों, कार्यक्रम और अनुशासन को स्वीकार करते हैं।