398 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
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त्याग-पत्र बीमारी के कारण नहीं
डॉ. अम्बेडकर का वक्तव्य, नई दिल्ली 12 अक्तूबर, 1951
डॉ. बी.आर. अम्बेडकर ने आज यहाँ कहा कि उन्होंने बीमारी के आधार पर त्यागपत्र नहीं दिया है।
वक्तव्य में उन्होंने कहा कि पिछले 10 अगस्त को प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में उन्होंने अपनी बीमारी का उल्लेख किया था परन्तु इसका उल्लेख अपने त्याग-पत्र के आधार के रूप में नहीं किया था। उन्होंने उल्लेख किया था कि यह हिन्दू संहिता के लिए उच्चतर प्राथमिकता प्राप्त करने का आधार है। पिछली 27 सितम्बर को अपने त्यागपत्र में उन्होंने अपनी बीमारी को अपने त्यागपत्र का आधार नहीं बताया था।
‘‘इन दोनों पत्रों के आधार पर कोई कैसे कह सकता है कि मैंने अपने स्वास्थ्य के कारण त्यागपत्र दिया है, यह मैं समझने में असमर्थ हूँ। मैं जानता हूँ कि ऐसी धारणा बनाये जाने के प्रयास किये जा रहे थे, इसलिए मैं सदन में वक्तव्य देना चाहता था ताकि कोई भी किसी गलतपफहमी में न रहे।’’
भूतपूर्व कानून मंत्री ने उनके त्यागपत्र पर संसद में उनके वक्तव्य के विरुद्ध कल सांय 6 बजे उठाये गये प्रश्न पर आश्चर्य व्यक्त किया है। उसकी अनुपस्थिति में सदन में जो कुछ हुआ उसकी रिपोर्ट समाचार-पत्रों में पढ़ने के पश्चात् उन्हांने पाया कि प्रधानमंत्री एवं उपाध्यक्ष द्वारा जो कुछ कहा गया उससे सदस्यों के मन में कुछ भ्रम पैदा हो गया है।
डॉ. अम्बेडकर ने कहा ‘‘दुर्भाग्य से प्रधानमंत्री ने मुझे सूचित नहीं किया कि वे सांय 6 बजे यह प्रश्न उठाने जा रहे हैं। यदि उन्होंने मुझे ऐसे करने के संबंध में अपना आशय व्यक्त किया होता तो मैं निश्चित रूप से सदन में यह सुनने के लिए उपस्थित रहता कि उनको क्या कहना है और अपना स्पष्टीकरण वहीं दे देता। परन्तु मुझे उनसे ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई और परिणामस्वरूप में सदन में उपस्थित नहीं था।
‘‘इसलिए मैं स्थिति को स्पष्ट करना आवश्यक समझता हूँ मैं नही समझ
पाया कि प्रधानमंत्री ने मेरे तथा उनके बीच हुए पत्राचार को पढ़कर क्या
बताना चाहते थे। मैं केवल अनुमान लगा सकता हूँ। यदि प्रधानमंत्री पत्राचार
पढ़कर यह धारणा बनाने के इच्छुक प्रतीत होते हैं कि मेरे त्यागपत्र का
आधार मेरी बीमारी है तो इस निष्कर्ष को निरस्त करना कठिन नहीं है।’’