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410 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

याचिकादाता इस वक्तव्य के प्रमाण में रिकार्ड पर विश्वास करेंगे।

याचिकादाताओं ने निवेदन किया है कि कुल मिलाकर 74,333 मत-पत्र रद्द किये गये हैं और इनकी गिनती नहीं की गई है क्योंकि उपरोक्त कारण से अमान्य होने के कारण गिने नहीं गये हैं।

  1. याचिकादाताओं ने निवेदन किया है कि उपरोक्त निर्वाचन क्षेत्र के अनेक

मतदान केन्द्रों में हजारों मामलों में मतदाताओं, जिन्हें दो-दो मतदान-पत्र

दिये गये थे, को उक्त अधिनियम की धारा 63(1) की अपेक्षानुसार वितरित

नहीं किया गया और उक्त अधिनियम की धारा 63(1) के प्रावधानों का अनु­

पालन करने में उनके असफल रहने के परिणामस्वरूप उक्त मतदान-पत्रों

को अमान्य घोषित किया गया तथा वे उक्त निर्वाचन-क्षेत्र में हुए चुनाव

में पूर्णतया निरर्थक साबित हुए।

  1. याचिकादाताओं ने कहा कि उक्त काफी संख्या में अमान्य घोषित किए गए

दोहरे मतदान जन-प्रतिनिधि अधिनियम, 1951 की धारा 123(2) के अर्थ

के भीतर में प्रतिवादी सं. 1 एवं 2 द्वारा अनुचित प्रभाव डालने संबंधी भ्रष्ट

आचरण का परिणाम है। जैसा कि नीचे उल्लेख किया गया है कि चुनाव में

कथित भ्रष्ट आचरण से सम्पूर्ण चुनाव व्यर्थ एवं निष्प्रभावी साबित हुआ है।

  1. याचिकादाताओं ने कहा कि प्रतिवादी सं. 1 व 2 ने अपने चुनाव अभियान

में निर्वाचन-क्षेत्र में हुई सार्वजनिक बैठकों में दिये गये भाषणों द्वारा तथा

इश्तहारों, पर्चों और प्रैस विज्ञप्तियों द्वारा प्रचण्ड कटुतापत्रों और विद्वेषपूर्ण

प्रचार किया तथा अधिनियम की धारा 63(1) के प्रावधानों का प्रत्यक्ष उल्लंघन

कर मतदाताओं को अपने पक्ष में वोट डालने के लिए गैर-कानूनी रूप से

प्रेरित किया। याचिकादाताओं ने कहा कि निर्वाचन-क्षेत्र में मतदाताओं के

मध्य प्रतिवादी सं. 1 व 2 द्वारा उक्त प्रचार द्वारा मतदाताओं को दिये गये

दोनों मतदान पत्र एक ही मतपेटी में डाल कर एक ही प्रत्याशी को एक

से अधिक मतदान देने के लिए फुसलाया गया और इस प्रकार कथित

अधिनियम की कथित धारा का उल्लंघन किया गया तथा निर्धारित नियत

नीति और उद्देश्य को निष्प्रभावी साबित किया गया।

  1. (i) प्रतिवादी सं. 1 या उसके प्रतिनिधि या समर्थकों के इशारे पर कथित

बम्बई शहर के उत्तरी निर्वाचन-क्षेत्र में मतदाताओं के मध्य वितरित एवं

उनको सम्बोधित करते हुए प्रकाशित किए गए मराठी इश्तहार में प्रतिवादी

सं. 1 को लोकसभा में नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए सर्वाधिक