412 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
इश्तहार के अंग्रेजी अनुवाद की एक प्रति इसके साथ संलग्न है और ‘घ’ं
के रूप में चिन्हित है।
- बम्बई में प्रकाशित मराठी साप्ताहिक शीर्षक विविध वृत्त के 30 दिसम्बर,
1951 के अंक में प्रतिवादी सं. 2 द्वारा ‘बम्बई शहर उत्तरी निर्वाचन-क्षेत्र
संसदीय चुनावी जाल’ ‘मतदाताओं को चेतावनी’ शीर्षक से एक वक्तव्य
प्रकाशित किया गया था जिसमें इस निर्वाचन-क्षेत्र, जहाँ अनुसूचित जाति
प्रत्याशी के लिए आरक्षित सीट का प्रावधान है, के मतदाताओं को चेतावनी
दी गई है कि याचिकादाता सं. 1, जो अनुसूचित जाति से संबंधित है,
द्वारा एक ऐसा जाल बिछाया गया है जिससे दो अनुसूचित जाति प्रत्याशी
दोनों सीटें जीत लें। प्रतिवादी सं. 2 ने कथित वक्तव्य में यह भी कहा
है कि साजिश से बचने के लिए मतदाता, किसी पार्टी या समझौते वाली
पार्टियाँ और इस बात पर ध्यान दिये बिना कि वे क्या कहते हैं, तथा
उनके कथनानुसार ‘स्वार्थ निद्धि चाहने वाले नेताओं के प्रभाव’ में आए
बिना अपनी मर्जी से वोट दें। उन्होंने इसके साथ ही कहा कि ‘केवल यही
उनका दायित्व होगा’ जिस का तात्पर्य यहाँ यह है कि मतदाता अपने दोनों
मत याचिकादाता सं. 1 के अलावा किसी अन्य प्रत्याशी को दें’। यदि वे
याचिकादाता सं. 1, जो अनुसूचित जाति के हैं, के चुनाव से बचना चाहते
हैं क्योंकि यदि उन्हें प्रतिवादी सं. 5, जो कि अनुसूचित जाति के हैं, के
साथ चुना जाता है तो अनुसूचित जाति के प्रत्याशियों को दोनों सीटें मिल
जाएंगी और गैर-अनुसूचित जातियाँ बिना प्रतिनिधित्व के रह जाएंगी।
प्रतिवादी सं. 2 द्वारा एवं उनकी ओर से जारी कथित वक्तव्य का अंग्रेजी
अनुवाद इसके साथ संलग्न है और ‘ड.’ के रूप में चिन्हित है।
- तब कथित मराठी साप्ताहिक, ‘विविध वृत्त’, ने प्रतिवादी सं. 2 के हितों
को बढ़ावा देते हुए 30 दिसम्बर, 1951 के अंक के पहले पृष्ठ के कॉलम
5 पर ‘मतदान के प्रपंच’ शीर्षक के अन्तर्गत यह वक्तव्य प्रकाशित किया
कि दोनों मत हिन्दू जाति के पक्ष में डाले जा सकते हैं और इस प्रकार
मतदान किसी भी प्रकार से गैर-कानूनी नहीं होगा। यह भी कहा गया
कि मतदाताओं को पूर्ण स्वतंत्रता है कि वे अपने दोनों मत केवल एक ही
प्रत्याशी को डाल सकते हैं’। इस पैरा में उल्लिखित वक्तव्य का अंग्रेजी
अनुवाद इसके साथ संलग्न है और ‘छ’ के रूप में चिन्हित है।
- याचिकादाताओं ने कहा है कि इस याचिका के पूर्ववर्ती भाग 13,14,15,16
में उल्लिखित तथ्य को दृष्टिगत् रखते हुए प्रतिवादी नं. 1 और 2 ने