418 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
संसदीय सीट के लिए उनको प्रत्याशी के रूप में समर्थन दिया था, ने पर्चे बांटे थे परन्तु उन्होंने किसी भी स्तर पर हस्तक्षेप नहीं किया और मोर्चे को पर्चे बांटने से नहीं रोका।
याचिकादाता ने दलील दी कि श्री डांगे अपने एजेंटों के कार्यों के लिए जिम्मेवार थे। मराठी साप्ताहिक युगान्तर, ने हिचकिचाते हुए स्वीकार किया कि यह कम्युनिस्ट पार्टी की शाखा है और मोर्चे के दो सदस्यों ने अपने साक्ष्य में भी स्वीकार किया है कि उन्होंने श्री डांगे की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए प्रचार किया है। उन्होंने कहा कि उनके प्रतिवेदन के आधार पर इसमें कोई संदेह नहीं हो सकता कि वे भी डांगे के एजेंट थे।
डॉ. अम्बेडकर ने एक रविवारीय मराठी साप्ताहिक, विविध वृत्ता और डॉ. देशपांडे (देशमुख) के बीच संबंध खोजने का प्रयास किया और कहा कि प्रतिवादी द्वारा समाचार-पत्र में प्रकाशित वक्तव्य मतदाताओं को जागृत करने वाला नहीं था। वास्तव में वह केवल उसी समाचार-पत्र में प्रकाशित किया गया था, किसी अन्य में नहीं और इससे यह सिद्ध होता है कि समाचार-पत्र एवं प्रतिवादी के बीच संबंध था।
इस पर डॉ. देशमुख खड़े हो गये और ट्रिव्यूनल से अनुरोध किया कि डॉ. अम्बेडकर को अपना प्रश्न पूछने के लिए कहा जा सकता है। डॉ. अम्बेडकर ने उत्तर दिया ‘‘मैं आपसे कोई प्रश्न नहीं पूछूंगा। वास्तव में, आपने उसे उठाया है और मैं उसका उत्तर देने का प्रयास कर रहा हूँ,’’। इससे कोर्ट-कक्ष में जोरदार हँसी हुई।
पहले श्री के.वी. चित्रे, रजिस्ट्रार, सिद्धार्थ कालेज और डॉ. अम्बेडकर के एजेंट ने साक्ष्य दिया।
सुनवाई सोमवार को भी जारी रहेगी।’’
(दी टाइम्स ऑफ इण्डिया, 4.10.1952) ख्1,
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मतों को अमान्य करने का प्रचार गैरकानूनी
सोमवार को बम्बई के स्माल कॉजेस कोर्ट में श्री एन.जे. वाडिया, अध्यक्ष श्री एम.डी. लालकाका तथा श्री जी.पी. मर्देश्वर की सदस्यता वाले चुनाव न्यायाधिकरण
- खैरमोरे, खण्ड 10, पृष्ठ 298-299।