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अनुचित प्रभाव
वी.बी. गाँधी के वकील, श्री टी.आर. कपाडि़या, ने श्री चारी के तर्क का समर्थन करते हुए कहा कि याचिकादाता यह सिद्ध करने में असपफल रहे हैं कि किसने मतदाताओं पर अनुचित दबाव डाला है। उन्होंने पूछा कि क्या अकेले प्रतिवादी इसके दोषी हैं या याचिकादाता भी इस अपराध में बराबर के दोषी हैं।
डॉ. देशमुख ने ट्रिब्यूनल से यह सहमति प्राप्त करने के पश्चात कि उसे अपने वकील के स्थान पर बोलने की स्वीकृति दी जाए, कहा कि सभी दल पिछले चुनावों में भ्रष्ट आचरण के लिए उत्तरदायी हैं। मराठी साप्ताहिक ‘विविध वृत्त’ के सम्पादक ने स्वीकार किया कि वह न केवल उनके एजेंट हैं बल्कि उसका अन्तरंग मित्र भी है।
सुनवाई बुधवार को जारी रहेगी।
श्री एस.ए. डांगे, डॉ. जी.वी. देशमुख, डॉ. वी.बी. गांधी, श्री के.बी. जोशी, श्री एन.एस. कजरोलकर और श्री एन.वी. पारूलकर प्रतिवादी हैं।
कोठारी एंड कम्पनी द्वारा निर्देशित श्री एस.एस. कवलेकर और श्री मधुसूदन व्यास श्री अशोक मेहता, के लिए श्री डांगे के लिए श्री ए.एस.आर. चारी और श्री टी.एस. हेगड़े डॉ. जी.वी. देशमुख के लिए श्री पंडित और डॉ. गांधी एवं श्री कजरोलकर के लिए श्री टी.आर. कपाडि़या उपस्थित हुए। ख्1,
- द टाइम्स ऑफ इंडिया : दिनांक 7.10.1952
खैरमोरे, खण्ड 10, पृष्ठ 300-302 में पुनर्मुद्रित।