426 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
डॉ. अम्बेडकर ने कहा कि प्रशिक्षणालय की एक प्रेस भी होगी जहाँ बौद्धिक साहित्य का मुद्रण होगा। उन्होंने बताया कि वे विश्वभर के प्रतिष्ठित विद्वानों के समूह को पालि एवं अन्य भाषाओं में लिखी गई बौद्धिक पुस्तकों को अंग्रेजी में अनुवाद करने के लिए नियुक्त किया जाएगा और उन्हें शिक्षणालय द्वारा प्रकाशित कराया जाएगा।
धर्म एवं दर्शन शास्त्र पर पुस्तकांं सहित एक विशाल पुस्तकालय, प्रशिक्षणालय की एक और विशेषता होगी। वहाँ पर मंदिर और विद्यार्थियों, अध्यापकों एवं अनुसंधान के विद्यार्थियों के लिए कक्षाएँ, शयन-कक्ष भी होंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि 10,000 रुपये पुरस्कार राशि वाली निबन्ध प्रतियोगिता की शीघ्र घोषणा की जाएगी। ख्1,
- दिनांक 12 जनवरी, 1955 : द टाइम्स ऑफ इंडिया।