56. राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए नहीं होतीं अपितु लोगों को शिक्षित, जागरूक और संगठित करने के लिए होती हैं। - Page 451

434 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

प्रस्ताव कर्त्ता : श्री ए.जी. पवार (महाराष्ट्र)

अनुमोदन कर्त्ता : श्री वी. दोरास्वामी (मैसूर)

संकल्प को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया।

संकल्प सं. 4 : अध्यक्ष द्वारा संविधान में निम्नलिखित संशोधन प्रारूपित किये गयेः

अनुच्छेद 1 में संशोधन : खण्ड 2 में आंकड़ा 1957के पश्चात् ये शब्द जोड़े जाएं

Col1 Col2
uqPNsn uqPNsn

‘‘या ऐसी अन्य तिथि जो केन्द्रीय कार्यकारिणी द्वारा नियत की जाए’’

अनुच्छेद II में संशोधन : निम्नलिखित उपखण्ड को उपखण्ड सं. VI के पश्चात्

,slh vU;
uqPNsn uqPNsn

सं. VII के रूप में स्वीकार किया जाए। उपधारा सं. VIII को इस प्रकार पढ़ा जाए, ‘‘मुद्रित सामग्री जारी की जाए तथा प्रिंटिंग प्रेसों का संचालन किया जाए। उपखण्ड III, IV, V, व VII जो दो बार मुद्रित हो गये हैं, को हटा दिया जाए क्योंकि ये मुद्रण

अनुच्छेद VI में संशोधन : ( I ) खण्ड III, IV, V, VI, VII, VIII, IX व X से हाइफन

V, V, xyrh o V gSA
uqPNsn uqPNsn

में संशोधन : (

(समास चिन्ह) हटा दिये जाएं।

( ii ) खण्ड 10 के पश्चात् निम्न खण्ड को खण्ड सं. 11 के रूप में जोड़ दिया जाए।

‘‘ग्राम समिति, ताल्लुका समिति, जिला समिति और राज्य समिति के सदस्यों की संख्या का निर्धारण प्रत्येक राज्य की राज्य संघ समिति द्वारा केन्द्रीय समिति की सहमति से किया जाएगा।

अनुच्छेद VII में संशोधन ( I ) खण्ड I की उपधारा II में ‘संघ’ शब्द के पश्चात् ‘‘और क्षेत्रीय सचिव’’ जोड़ दिया जाए।

(2) उप-खण्ड सं. VI, जो कि उपखण्ड सं. V के पश्चात् है, को हटा दिया जाए। यह दो बार मुद्रित हो गया है।

अनुच्छेद VIII में संशोधन : ( I ) खण्ड I में दूसरी लाइन में ‘‘सम्मिलित है....’’ के पश्चात् हाइफन हटा दें।

(2) उपखण्ड IV में ‘अध्यक्ष’ शब्द से पूर्व ‘द’ जोड़ दिया जाए।