56. राजनीतिक पार्टियां चुनाव जीतने के लिए नहीं होतीं अपितु लोगों को शिक्षित, जागरूक और संगठित करने के लिए होती हैं। - Page 452

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(3) उपखण्ड V के पश्चात् निम्नलिखित जोड़ दिया जाए :

‘‘6 अध्यक्ष विभिन्न क्षेत्रों/प्रदेशों के लिए अधिकतम पाँच प्रादेशिक सचिव नियुक्त करेंगे।

(4) खण्ड VII के पश्चात् निम्नलिखित जोड़ेंः

8 प्रादेशिक सचिव अपने कार्यक्षेत्र में संघ के संगठित करने का कार्य करेंगे और अध्यक्ष के रूप में अन्य कार्यों का संचालन करेंगे। इस कार्य के लिए अध्यक्ष किसी को नियत करेंगे जो अध्यक्ष एवं महासचिव को अवगत करायेगा।’’

अनुच्छेद X में संशोधन : खण्ड I, द्वितीय लाइन में शब्द द्विवार्षिक के स्थान

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में संशोधन : खण्ड

पर ‘‘हर दो वर्षों’’ जोड़ा जाए।

अनुच्छेद XIV में संशोधन : उपखण्ड सं. V में अंतिम पंक्ति में शब्द ‘अधिकारियों’

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के स्थान पर ‘कार्यालय’ शब्द पढ़ा जाए ताकि ‘सभी कार्यालयों में पहुँच’ पढ़ा जा सके।

अनुच्छेद XVII में संशोधन : खण्ड सं. IV में पंक्ति 2 में ‘‘राज्य संघ’’ को ‘‘संघ

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की अखिल भारतीय समिति’’ से प्रतिस्थापित किया जाए।

अनुच्छेद XXIII में संशोधन : उपखण्ड 2 में पाँचवी पंक्ति में ‘जिला’ शब्द को

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‘राज्य’ शब्द से प्रतिस्थापित किया जाए।

अनुच्छेद XXVI में संशोधन : (1) उपखण्ड 1 में ‘त्रिभुज’ शब्द को हटाकर उसे

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‘चतुर्भुज’ शब्द से प्रतिस्थापित किया जाए।

(2) इसी उपखण्ड में ‘इसमें शामिल हैं’ शब्दों के पश्चात् ‘11 स्टार्स’ जोड़ दिया जाए।

उपरोक्त सभी संशोधनों पर मतदान करवाया गया और इन्हें लागू किया गया।

संकल्प सं 5 : ‘‘कार्यकारिणी समिति की इस बैठक में अखिल भारतीय अनुसूचित

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जाति संघ के लिए संविधान तैयार किया गया और घोषित किया गया कि संघ पर बाध्यकारी होगा।’’

इस समय पर डॉ. बाबा साहब ने स्पष्ट किया कि संविधान बहुत व्यापक हो गया है। अतः इसका कुछ हिस्सा ‘स्थायी आदेशों’ के रूप में अलग किया जा सकता है ताकि संविधान छोटा हो सके।