धर्म परिवर्तन पर डॉ. बी.आर. अम्बेडकर द्वारा जारी दिनांक 19.06.1936 के वक्तव्य पर प्रतिक्रिया। - Page 493

476 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

वर्गों के धर्मान्तरित सिखां के मध्य खुली प्रतिस्पर्धा द्वारा पूना समझौते के

राजनीतिक अधिकारों का दलित वर्गों द्वारा लाभ उठाने पर।’’

मैं बम्बई से आज प्रातः ही यहाँ हिन्दू महासभा के समक्ष उक्त प्रस्ताव औपचारिक रूप से प्रस्तुत करने से पूर्व मित्रों से परामर्श करने के लिए आया हूँ। मैं पंडित मालवीय जी और यदि सम्भव हुआ तो महामहिम महाराजा पटियाला से भी मिलने का प्रयास कर रहा हूँ। यह बहुत ही नाजुक मामला है। अतः मैं आपसे अनुरोध करता हूँ कि कृपया इस पर विचार करें और मुझे इस मामले पर अपनी राय भेजें। जब तक हम किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुँच जाते तब तक मामले को बिल्कुल निजी एवं गोपनीय रखा जाए।

आपके उत्तर की प्रतीक्षा में

आपका

हस्ता./-बी.एस. मुज्जे

पी.एस. मैं उनके मामले के बयान पर प्रति, जो डॉ. अम्बेडकर ने मुझे सौंपी है, भी संलग्न कर भेज रहा हूँ। कृपया मुझे मेरे नागपुर के पते पर उत्तर भेजें। ख्1,

  1. द बॉबे क्रॉनिकल्स : दिनांक 8 अगस्त, 1936 ।