31. भारत और ब्रिटिश राष्ट्रमण्डल - Page 100

81

राष्ट्रपति को राज्य का प्रमुख बताया गया है, न कि सम्राट को। राष्ट्रपति सम्राट का प्रतिनिधि भी नहीं है। वह तो भारत के लोगों का प्रतिनिधि है। भारतीय संसद के सदस्यों द्वारा ली जाने वाली सत्यनिष्ठा की शपथ सम्राट के प्रति नहीं, बल्कि देश के प्रति और संविधान के प्रति है। अतः संविधान का मसौदा आधारभूत रूप से स्वतंत्र उपनिवेश के संविधान में जो अपेक्षित है, उससे भिन्न है। इसके लिए स्वतंत्र उपनिवेश के संविधान की तीनों अनिवार्य बातों में से प्रत्येक का होना जरूरी है। भारत को अब स्वतंत्र उपनिवेश का दर्जा स्वीकार करने के रास्ते में यह एक कठिनाई है। कार को रिवर्स गियर में चलाना सदैव कठिन होता है। ऐसा करना और अधिक कठिन होता है जब कार ढलान पर से नीचे जा रही हो।

  1. दूसरी कठिनाई मनोवैज्ञानिक स्वरूप की है। क्या हम एक विदेशी सम्राट को अपना सकते हैं? क्या भारत के लोगों और स्वतंत्र उपनिवेशों के लोगों के बीच कोई सामाजिक अथवा सांस्कृतिक समानता है? यदि राष्ट्रमण्डल से पहले जुड़ा “ब्रिटिश” शब्द हटा भी दिया जाए तब भी राष्ट्रमण्डल वफादारी के लिहाज से ब्रिटिश बना रहेगा और उसका रंग भी गोरा ही रहेगा। क्या ऐसे राष्ट्रमण्डल में भारत सहज महसूस कर सकता है? कोई चाहे जितना भी चाहे कि भारत को राष्ट्रमण्डल के साथ संबंध बनाए रखना चाहिए, परन्तु क्या किसी को इस बात पर संदेह है कि भारत राष्ट्रमण्डल के साथ सहज महसूस नहीं कर सकता।
vk Sifu o sf'k d Col6
d k
la'kk sfèk r
  1. यदि भारत के स्वतंत्र उपनिवेश बनने से कानूनी तौर पर यदि संबंध नहीं रखा जा सकता तो इसका विकल्प क्या है? इसका जो विकल्प सुझाया गया है वह ब्रिटिश राष्ट्रीयता अधिनियम, 1948 और कनाडा राष्ट्रीयता अधिनियम, 1946 में प्रस्तावित है। इस अधिनियम की धारा 1 में कहा गया है कि :-

“नागरिकता के कारण ब्रिटिश राष्ट्रीयता :-

(1) प्रत्येक व्यक्ति को जो इस अधिनियम के अंतर्गत यूनाइटेड किंगडम तथा उपनिवेशों का नागरिक है अथवा जो आगे उल्लिखित उपधारा में किसी भी देश में लागू कानून के अंतर्गत उस देश का नागरिक है, उस नागरिकता के कारण उसे ब्रिटिश प्रजा का दर्जा प्राप्त रहेगा। उपर्युक्त दर्जा रखने वाला कोई भी व्यक्ति ब्रिटिश प्रजा अथवा राष्ट्रमण्डल नागरिक कहलाएगा और तदनुसार इस अधिनियम में एवं किसी अन्य कानून अथवा दस्तावेज में चाहे उसे यह अधिनियम बनाए जाने से पहले या बाद में पारित किया अथवा बनाया गया हो, “ब्रिटिश प्रजा” शब्द और “राष्ट्रमण् डल नागरिक” शब्द का अर्थ एकसमान होगा।