34. मैं यही कहता हूं कि अडिग और ईमानदार बनो - Page 118

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जालंधर में दिनांक 27 अक्तूबर 1951 को संवाददाताओं ने डॉ. बी. आर. अम्बेडकर के साथ बातचीत के दौरान उनसे कश्मीर, राष्ट्रकुल के साथ भारत के संबंध आदि के बारे में कुछ प्रश्न किए। डॉ भीमराव अम्बेडकर द्वारा दिए गए उत्तर नीचे दिए गए हैं :- सम्पादक

प्रश्न : कश्मीर समस्या के बारे में आपकी क्या राय है?

उत्तर : मुझे डर है कि जम्मू कश्मीर में जनमतसंग्रह भारत के विरुद्ध होगा। जम्मू और लद्दाख से हिन्दू और बौद्ध आबादी को पाकिस्तान जाने से बचाने के लिए जम्मू, लद्दाख और कश्मीर में क्षेत्रवार जनमत संग्रह कराया जाना चाहिए।

प्रश्न : ब्रिटेन में चर्चिल की सत्ता में वापसी क्यों हुई है?

उत्तर : ईरान के तेल और मिस्र का प्रश्न अचानक खड़े होने के कारण संभवत लेबर पार्टी चुनाव हार गई।

ब्रिटिश आम मतदाता का शायद यह विचार रहा होगा कि यदि लेबर पार्टी फिर सत्ता में आती है तो मि. बीवन का वर्चस्व रहेगा, जिसका मतलब है कि ग्रेट ब्रिटेन की सुरक्षा कमजोर हो जाएगी।

प्रश्न : कंजर्वेटिव पार्टी की वापसी का भारत पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

उत्तर : शायद चर्चिल स्टर्लिंग संतुलन का प्रश्न उठाएेंगे और शायद पाकिस्तान के प्रति ब्रिटिश दृष्टिकोण में कुछ बदलाव हो सकता है; इसे छोड़कर मुझे नहीं लगता कि कोई प्रभाव पड़ेगा। चर्चिल को भारत के हिन्दुओं से कोई खास लगाव नहीं है, उनकी सहानुभूति स्वाभाविक रूप से पाकिस्तान के साथ है।

प्रश्न : क्या आपकों लगता है कि चर्चिल के सत्ता में रहते हुए भारत को राष्ट्रमंडल में बने रहना चाहिए?

उत्तर : हम राष्ट्रमंडल में शामिल हैं? मैं अपने प्रधानमंत्री को समझ नहीं पाया हूँ।