परिच्छेद-IV संस्थाएं, संगठन और उनके संविधान - Page 133

114 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय

पत्र के रुप में अपनी स्कीम 16 मई, 1946 को घोषित की, जिसमें तीन प्रांतों के समूह के साथ एक औपचारिक

ब्रिटिशक केबिनेट मिशन की भूमिका के लिए परिशिष्ट- देखें।

भारतीय संघ एक अंतरिम सरकार की योजना और संविधान सभा का गठन अनुध्यात किया गया था, जिसके सदस्यों को जातिगत आधार पर प्रांतीय विधान परिषदों और संघ में शामिल होने वाले राज्यों के प्रतिनिधियों द्वारा चुना जाना था। तथापि, राजकीय पत्र में अनुसूचित जातियों के लिए डॉ. अम्बेडकर द्वारा रखी गई मांगों का कोई उल्लेख नहीं था।

डॉ. अम्बेडकर ने प्रस्तावित संविधान में अनुसूचित जातियों के लिए संवैधानिक अधिकार प्राप्त करने हेतु सतत् प्रयास किए। इन सभी का उल्लेख आगामी दस्तावेजों में किया गया है जो स्वतः स्पष्ट है........संपादक मंडल