126 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
( ii ) अनुसूचित जातियों को नए गांवों में बसाने के लिए संविधान में एक बंदोबस्त आयोग स्थापित करने के लिए उपबंध किया जाना चाहिए।
( iii ) समस्त सरकारी भूमि जो कृषि योग्य हो और जिस पर कब्जा न हो, आयोग को सौंपी जाए, जो अनुसूचित जातियों को बसाने के लिए नई बस्तियां बनाने हेतु उसे एक न्यास में धारित करेगा।
( iv ) अनुसूचित जातियों को बसाने की स्कीम को पूरी तरह लागू करने के लिए आयोग को निजी भूस्वामियों से नई भूमि खरीदे जाने का अधिकार दिया जाना चाहिए।
( v ) संविधान द्वारा केन्द्र सरकार पर यह बाध्यता डाली जानी चाहिए कि वह बंदोबस्त आयोग को प्रति वर्ष न्यूनतम पांच करोड़ रुपये की राशि प्रदान करे ताकि इस मामले में आयोग अपना कर्तव्य निभा सके।
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भाग III
- कार्य-समिति ने स्वतंत्र भारत और हिज मेजेस्टी की सरकार के बीच एक संधि का प्रस्ताव रखते हुए, अपनी सर्वश्रेष्ठ राय दी है। कार्य-समिति समझती है कि संधि का उद्देश्य अल्पसंख्यकों और उनके अन्य हितों को सुरक्षा प्रदान करना है जिनके संबंध में हिज मेजेस्टी की सरकार ने भारत सरकार की स्वतंत्रता के बाद भी प्रतिज्ञा की है। संधि के प्रस्ताव के आशय की सराहना करते हुए कार्य-समिति, यह समझ नहीं सकी है कि यह कैसे संभव होगा कि ऐसी कोई संधि संविधान से आगे बढ़कर कार्य कर सकती है, जबकि भारत एक मुक्त और स्वतंत्र देश बनने वाला है, और यदि संधि संविधान से शक्तिशाली नहीं हो सकती, तो क्या यह अल्पसंख्यकों और उनके अन्य हितों को सुरक्षा प्रदान करना है जिनके संबंध में हिज मेजेस्टी की सरकार ने भारत की स्वतंत्रता के बाद भी प्रतिज्ञा की है।
संधि के प्रस्ताव के आशय की सराहना करते हुए कार्य-समिति, यह समझ नहीं सकी है कि यह क्रैसे संभव होगा कि ऐसी कोई संधि संविधान से आगे बढ़कर कार्य कर सकती है, जबकि भारत एक मुक्त और स्वतंत्र देश बनने वाला है, और यदि संधि संविधान से शक्तिशाली नहीं हो सकती, तो क्या यह अल्पसंख्यकों के लिए अच्छी सिद्ध हो सकती है। कार्य-समिति इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि अनुसूचित जातियां अपने संवैधानिक रक्षापायों को एक संधि के रुप में रखे जाने, जिसे लागू