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ही सामूहिक प्रयास के लिए उनकी संख्या वृद्धि के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। मद्रास के मामले में, हमारा सुझाव है कि उन्हें छह सींटे दी जानी चाहिए; बंगाल, संयुक्त प्रांतों तथा बिहार और उड़ीसा में हम उन्हें चार सीटें देंगे; मध्य प्रातों और बम्बई में दो और अन्य जगह एक सीट देंगे। इस संबंध में हमारा मत है कि समिति की रिपोर्ट में स्पष्ट आशोधन की आवश्यकता है।’’
फ्रेन्चाइजी पर साउथबॉरो कमेटी की रिपोर्ट पर भारत सरकार की दिनांक 23 अप्रैल, 1919 को पांचवे डिस्पैच से उद्धरण।
- हमें भारतीय एकता के हित में भारतीय राज्यों को किसी संवैधानिक
योजना में शामिल करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता को भूलना नहीं
चाहिए।
मैं इनमें से केवल दो का उल्लेख करना चाहूंगा-बृहŸा मुस्लिम अल्पसंख्यक और अनुसूचित जाति------पूर्व समय में अल्पसंख्यकों को गारंटी दी गई हैं; कि उनकी स्थिति को सुरक्षा प्रदान की जाएगी और उन दी गई गारंटियों का सम्मान किया जाएगा। लॉर्ड लिनलिथगो द्वारा ओरिएंट क्लब, बम्बई में 10 जनवरी 1940 को दिए गए भाषण का उद्धरण।
- दो बिन्दु मुख्य रुप से उभरे हैं। इन दो बिन्दुओं पर अब हिज़ मेजेस्टी
की सरकार चाहती है कि मैं उनकी स्थिति को स्पष्ट करुं। पहला
बिन्दु, भविष्य की किसी संवैधानिक स्कीम के संबंध में अल्पसंख्या
कों की स्थिति को लेकर है..............
स्पष्ट है कि वे (हिज मेजेस्टी की सरकार) भारत की शांति और कल्याण हिŸा के लिए अपनी वर्तमान जिम्मेदारियों को सरकार के की ऐसे तंत्र को सौंपने पर विचार नहीं कर सकती, जिसके प्राधिकार को प्रत्यक्ष तौर पर भारतीय जीवन में बड़ी संख्या बल और शक्तिशाली तत्वों द्वारा नकार दिया जाए। न ही वे ऐसे तत्वों को बलपूर्वक ऐसी सरकार के अधीन करने में भागीदार बन सकते हैं।
----लॉर्ड लिनलिथगो के 8 अगस्त, 1940 को दिए गए बयान से उद्धरण।
- कांग्रेसी नेताओं.......ने एक उल्लेखनीय संगठन का निर्माण किया है, जो भारत में सर्वाधिक शक्तिशाली राजनीतिक तंत्र है..........यदि केवल वे ही सफल हुए होते, यदि कांग्रेस वास्तव में कहती, जैसा इसकी घोषणाओं में भारत की राष्ट्रीय जीवन धारा के समस्त मुख्य कारकों के बारे में कहा जाता है, तो उनकी मांगों में वृद्धि के होते हुए भी कई मामलों में हमारी समस्या आज की तुलना में कहीं आसान