142 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
ठोस योजना नहीं है। अलग गांव स्थापित करने का प्रश्न तभी उठेगा, जब कोई ठोस योजना बनेगी।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जातियों की स्थिति दक्षिण अफ्रीका में बन्टू और अन्य जनजातियों के समरुप थी। उन्हें ऐसा कुछ प्रतीत नहीं होता कि अनुसूचित जातियों के हितों की रक्षा के लिए भविष्य के भारतीय संविधान में ऐसे उपबंध क्यों नहीं किए जाएं, जैसा बन्टूस के मामले में दक्षिण अफ्रीकी संविधान में व्यवस्था की गई है-----
ए.पी.आई.
1 जय भीमः 7 मई, 1946