48. केबिनेट मिशन के प्रस्तावों के संबंध में ए.वी.अलेक्जेंडर को पत्र - Page 166

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केबिनेट मिशन के प्रस्तावों के
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भीम राव अम्बेडकर एम.ए.पीएच.डी., डी.साइंस, बैरिस्टर-एट-लॉ, सदस्य, गवर्नर जनरल कार्यकारी परिषद

प्रिय मि. एलेक्जेंडर,

22, पृथ्वी राज रोड,

नई दिल्ली

दिनांक 14 मई, 1946

दुख का विषय है कि कांग्रेस और लीग के बीच समझौता कराने के आपके प्रयास विफल हुए हैं। मैं जानता हूं कि आप सहानुभूति और कृतज्ञता के पात्र हैं। साथ ही, समझौते के प्रयास के लिए मिशन के प्रयास से मुझे उस बूढ़े बनिये की कहानी याद आ गई है, जिसके कोई बेटा नहीं था और उसने अपनी संपिŸा के वारिस की चाह में एक युवा लड़की से विवाह किया था। दुल्हन गर्भवती हो गई, किन्तु दुल्हा गंभीर रूप से बीमार पड़ गया। तथापि, वह बच्चे की शक्ल देखे बिना मरना नहीं चाहता था और उसके जन्म की प्रतीक्षा भी नहीं कर सकता था, क्योंकि उसमें अभी काफी समय था। वह इतना व्यग्र हो उठा कि उसने डॉक्टर को बुलवाया और अपनी पत्नी का पेट चीर देने को कहा, ताकि वह देख सके कि बच्चा लड़का है या लड़की। आपरेशन के परिणामस्वरुप बच्चे और मां दोनों की मृत्यु हो गई। यदि अनुमति हो, तो मैं कहना चाहूंगा कि मिशन वैसा ही करना चाहता था, जैसा उस बनिये ने किया। आपको शायद ज्ञात न हो, मेरी तरह, कई अन्य महसूस करते हैं कि मिशन गर्भाधान की प्राकृतिक अवधि से पहले ही जबरदस्ती डिलीवरी कराना चाहता था।