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अम्बेडकर ने चर्चिल को चैम्पियन माना
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लंदन, 30 मई (रयूटर) : एक प्रतिज्ञा की कंजर्वेटिव पार्टी 6 करोड़ अछूतों के भविष्य की रक्षा के लिए अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास करेगी ‘‘जिसका उनके समान धर्मवलांसियों द्वारा दुखदायी अवसाद माना। ‘‘जाना भारतीय उप-महाद्वीप की समस्याओं का एक गंभीरतम कारक है’’। यह वाक्य एक तार संदेश के रूप में श्री विंस्टन चर्चिल द्वारा वॉयसराय की कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ. अम्बेडकर को भेजा गया था।
श्री चर्चिल ने आगे कहा किः हम अमेरिकी स्वतंत्रता की घोषणा में निर्धारित व्यापक सिद्धांतों का पालन करें कि सभी व्यक्ति स्वतंत्र और समान पैदा होते हैं तथा उन्हें जीवन जीने, स्वतंत्र रहने और प्रसन्न रहने का अधिकार है।
डॉ. अम्बेडकर ने श्री चर्चिल को तार भेजा किः ‘‘केबिनेट मिशन के प्रस्ताव 6 करोड़ अछूतों के लिए एक शर्मनाक विश्वासघात हैं। भारत का प्रत्येक अस्पृश्य नागरिक संसद में दिए गए आपके भाषण के लिए आपका आभारी है। अछूतों का भविष्य बहुत अंधकारमय है। हम उनके हितों की सुरक्षा के लिए आप पर निर्भर हैं।’’
1ः दि बॉम्बे क्रानिकल, दिनांक 31 मई, 1946