160 बाबासाहेब डॉ. अम्बेडकर संपूर्ण वाघ्मय
काम करने के लिए नहीं जा पाए। उनमें से अनेक उस हफ्ते खाने का सामान तक नहीं ले पाए। उन्होंने शिकायत की कि उन्हें आसानी से पुलिस सुरक्षा उपलब्ध नहीं हुई, और अनेक बेकसूर व्यक्ति जेल भेज दिए गए।
श्री राजभोज ने कहा कि हालिया संघर्ष में उनके दल के लगभग 130 व्यक्तियों को चोटें आई और दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई।
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वरली और आसपास के श्रमिक क्षेत्रों में हुए संघर्षों पर 3 जून को जारी एक संयुक्त बयान में डॉ. भीमराव अम्बेडकर, श्री नगीनदास टी. मास्टर और श्री एस.के. पाटिल ने कहा कि, ‘‘एक प्रमुख समुदाय होने के नाते, हिन्दुओं के कंधों पर एक बड़ी जिम्मेदारी है। बहुमत लिए वर्ग को उŸोजना के क्षणों में भी नियंत्रित रहने को बाध्य होना पड़ता है और अल्पसंख्यक समुदाय जैसे अनुसूचित जाति, को यह सिद्ध करके दिखाना होता है कि उसे जीवन, स्वतंत्रता और गरीबी जैसे मुद्दों पर डरने की जरूरत नहीं, जबकि राजनैतिक प्रश्नों पर वह बहुसंख्यक समुदाय से सहमत नहीं होता।’’
बयान में उल्लेख हैः हमें बम्बई शहर के वरली, नैगाम और डेल्जी रोड क्षेत्रों में अनुसूचित जाति के सदस्यों और सवर्ण हिन्दुओं के सदस्यों के बीच कुछ समय के लिए घटित दुर्भाग्यशाली घटनाओं से गहरा आघात पहुंचा है। लोगों के इन वर्गो के बीच बार-बार हुए संघर्षों के फलस्वरूप तीन व्यक्ति मारे जा चुके हैं और अनेक घायल हुए हैं। हमारी राय में ऐसा कोई कारण नहीं है कि ये दो वर्ग आपस में क्यों एक-दूसरे पर आक्रमण कर रहे हैं और इससे इन क्षेत्रों की शांति भंग कर रहे हैं। यहां तक कि यह मानना कि किन्हीं मुद्दों पर अथवा अन्य बातों पर राय का कोई सच्चा और सशक्त अंतर हो सकता है, ऐसे पथभ्रष्ट प्रतिशोधनों से कुछ फैसले नहीं हो सकते। विवादों के निपटान और न्याय पाने के कुछ अन्य तथा अधिक प्रभावी उपाय भी हो सकते हैं। हिंसा की इन घटनाओं और गलत स्वभाव के कारण शहर का अच्छा-खासा नाम बदनाम होता है और इससे निदोर्षों को चोट पहुंचती हैं, यहां तक कि लोगों की जान की हानि भी होती है। यद्यपि हम घटित गतिविधियों के लिए दोषारोपण नहीं करना चाहते, हम इस बात पर जोर देना चाहेंगे कि एक प्रमुख समुदाय होने के नाते, हिन्दुओं पर भारी-भरकम जिम्मेदारी है।
हम हिंसा के इन संज्ञाहीन प्रदर्शनों की कड़ाई से और जोर देकर निन्दा करते हैं और संबंधित दलों से गंभीरतापूर्वक अपील करते हैं कि वे इस पागलपन लिए गतिविधियों को रोकने की कार्रवाई करें। हमें विश्वास है कि एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदार नागरिक सा बर्ताव करेंगे और अपना सामान्य तथा शांतिपूर्ण कामकाज बहाल करेंगे।